संसद में कार्यवाही बाधित, भाजपा सांसद ने उठाया विवादित किताबों का मुद्दा

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने संसद में एक विवादित किताब का जिक्र करते हुए कार्यवाही को रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने अध्यक्ष से आग्रह किया कि प्रकाशित किताबों पर चर्चा की जाए, ताकि जनता को 2014 से पहले की घटनाओं का ज्ञान हो सके। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह संसद की कार्यवाही को बाधित कर रही है। इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान, इंदिरा गांधी और नेहरू परिवार का भी जिक्र हुआ। जानें इस राजनीतिक विवाद की पूरी कहानी।
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संसद में कार्यवाही बाधित, भाजपा सांसद ने उठाया विवादित किताबों का मुद्दा

संसद की कार्यवाही पर विवाद

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बुधवार को कहा कि संसद की कार्यवाही एक ऐसी किताब के कारण रुकी है, जो कहीं भी प्रकाशित नहीं हुई है। उन्होंने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि प्रकाशित किताबों पर चर्चा की अनुमति दी जाए, ताकि लोग 2014 से पहले की घटनाओं के बारे में जान सकें। दुबे ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि ये किताबें भारत में प्रतिबंधित हैं, लेकिन प्रकाशित हो चुकी हैं।


 


दुबे ने आगे कहा कि उन्होंने संसद में भी यही बात कही थी कि प्रकाशित किताबों पर चर्चा होनी चाहिए, ताकि जनता को 2014 से पहले की कहानी का पता चल सके, जिसके बारे में अधिकांश लोगों को जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस चर्चा के बाद गांधी-नेहरू परिवार का पर्दाफाश होगा। सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का उल्लेख किया था, जिससे भारी हंगामा हुआ।


 


कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि सरकार संसद की कार्यवाही को बाधित कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अध्यक्ष और संसद का अपमान कर रही है और राहुल गांधी पूरे विपक्ष का प्रतिनिधित्व करते हैं। वायनाड सांसद ने पत्रकारों से कहा कि निशिकांत दुबे को तब ही आगे लाया जाता है जब सरकार को व्यवधान उत्पन्न करना होता है।


 


प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार किसी सदस्य को प्रकाशित पुस्तक से उद्धरण देने की अनुमति नहीं दे रही है, जबकि दुबे सदन में 6 किताबें लाते हैं और उनसे उद्धरण देते हैं। यह सरकार का प्रयास है कि संसद में केवल उनका ही तरीका चले। उन्होंने कहा कि यह अध्यक्ष और संसद का अपमान है। विपक्ष केवल एक व्यक्ति नहीं है; यह पूरे विपक्ष का प्रतिनिधित्व करता है।


 


कांग्रेस सांसद ने यह भी कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने निर्णय लेने में कभी संकोच नहीं किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नेहरू का मुद्दा उठाकर जनता का ध्यान भटकाया जा रहा है, क्योंकि जनरल साहब ने देश के नेतृत्व के बारे में कुछ कहा था। प्रियंका ने कहा कि इंदिरा गांधी ने कभी भी कोई निर्णय लेने से पीछे नहीं हटीं। यह गंभीर मुद्दा है और सभी को इसे समझना चाहिए। यह पहली बार है कि सरकार खुद सदन को चलने नहीं देना चाहती।