संजय राउत ने एंटी-पेपर लीक बिल पर उठाए सवाल, BJP पर लगाए गंभीर आरोप

शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए नए एंटी-पेपर लीक बिल की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर सबसे बड़ा पेपर लीक रैकेट चल रहा है। राउत ने कहा कि केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा और उन्होंने NEET पेपर लीक मामले में BJP के संबंधों पर भी सवाल उठाए। इस बीच, कांग्रेस पार्टी ने इस विधेयक पर अपने वरिष्ठ नेताओं के संबोधन की योजना बनाई है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।
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संजय राउत की आलोचना

शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने 28 जुलाई को केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए नए एंटी-पेपर लीक बिल की कड़ी आलोचना की। उन्होंने यह आरोप लगाया कि "सबसे बड़ा पेपर लीक रैकेट" भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अंदर ही सक्रिय है और कहा कि केवल कानून बनाने से इस समस्या का समाधान नहीं होगा। नई दिल्ली में एक मीडिया चैनल से बातचीत करते हुए, राउत ने प्रस्तावित कानून को पुराना बताते हुए कहा कि छात्रों ने पहले ही इस मुद्दे पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए हैं।


विरोध प्रदर्शन और बिल की सख्ती

राउत ने कहा कि पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा होना आवश्यक है, लेकिन यह भी याद दिलाया कि भारत में जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ था। उन्होंने नए बिल को पुराना बताते हुए कहा कि इसमें केवल सजा की अवधि को एक साल से बढ़ाकर दस साल किया गया है और जुर्माना ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ कर दिया गया है।


BJP पर गंभीर आरोप

संजय राउत ने प्रमुख शिक्षण संस्थानों में नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पेपर लीक का सबसे बड़ा रैकेट BJP के भीतर ही चल रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र में NEET पेपर लीक मामले में गिरफ्तार सभी लोग BJP से जुड़े हुए हैं। राउत ने कहा कि आप ही वाइस-चांसलर नियुक्त करते हैं और आपके लोग NEET जैसी परीक्षाओं का संचालन करने वाले शिक्षा बोर्डों में महत्वपूर्ण पदों पर हैं, जिससे वे मिलकर ऐसी गतिविधियों को अंजाम देते हैं।


कांग्रेस की प्रतिक्रिया

केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने 27 जुलाई को लोकसभा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पेश किया। इस बीच, 'इंडिया' ब्लॉक के सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस पार्टी ने इस विधेयक पर 28 जुलाई को लोकसभा में अपने वरिष्ठ नेताओं—जिनमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और गौरव गोगोई शामिल हैं—के संबोधन की योजना बनाई है।