संजय राउत का पीएम मोदी से ईरान-इजराइल संघर्ष में हस्तक्षेप का आग्रह
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ईरान-इजराइल संघर्ष में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने खामेनेई की हत्या पर सरकार की चुप्पी की आलोचना की और मोदी जी को विश्व नेता के रूप में इस मुद्दे पर कदम उठाने का आग्रह किया। राउत ने कहा कि खामेनेई भारत के सच्चे मित्र थे और उनकी हत्या पर शोक व्यक्त करना चाहिए। इस बीच, पीएम मोदी ने इजरायली प्रधानमंत्री से बातचीत कर नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया।
| Mar 2, 2026, 13:13 IST
संजय राउत का बयान
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ईरान-इजराइल विवाद में हस्तक्षेप करने और युद्ध को रोकने की अपील की। उन्होंने भारत के करीबी मित्र ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की हत्या पर सरकार की चुप्पी की आलोचना की। पत्रकारों से बातचीत करते हुए राउत ने कहा कि मोदी जी एक विश्व नेता और 'विश्वगुरु' हैं, उन्हें इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए कदम उठाने चाहिए। इसके साथ ही, उन्हें अपने मित्रों से भी ऐसा करने का आग्रह करना चाहिए।
खामेनेई की हत्या पर राउत की चिंता
राउत ने कहा कि अयातुल्ला खामेनेई को इजराइल को छोड़कर पूरी दुनिया मान्यता देती थी। वे भारत के सच्चे मित्र थे जिन्होंने हमेशा हमारे देश का समर्थन किया। राउत ने यह भी कहा कि खामेनेई नेहरू जी के अनुयायी थे। क्या मोदी जी इसी बात से नाराज हैं? जब ऐसे नेता की हत्या होती है, तो भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को शोक व्यक्त करना चाहिए। क्या वे इजराइल या राष्ट्रपति ट्रंप से डरते हैं?
संघर्ष की पृष्ठभूमि
यह घटनाक्रम 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त मिसाइल हमले के बाद बढ़े तनाव के बीच हुआ है, जिसे 'ऑपरेशन रोरिंग लायन/ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि इस हमले में खामेनेई, उनकी बेटी, पोते, बहू और दामाद की मौत हो गई।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया
आज सुबह, प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। मोदी ने शत्रुता को जल्द समाप्त करने की आवश्यकता को भी दोहराया और नेतन्याहू से फोन पर बातचीत में भारत की चिंता व्यक्त की।
