विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग की
विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए नोटिस पेश किया है। लोकसभा में 130 और राज्यसभा में 63 सांसदों ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं। यह पहली बार है जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव संसदीय प्रक्रिया के तहत लाया गया है। सांसदों ने एसआईआर प्रक्रिया में गंभीर खामियों का आरोप लगाया है, जिससे चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठता है। जानें इस प्रस्ताव के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
| Mar 13, 2026, 17:18 IST
संसद में प्रस्ताव लाने की मांग
विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए नोटिस प्रस्तुत करने की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, लोकसभा में 130 और राज्यसभा में 63 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। यह पहली बार है जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को संसदीय प्रक्रिया के तहत हटाने का अनुरोध किया जा रहा है। सांसदों ने एसआईआर प्रक्रिया में गंभीर खामियों का आरोप लगाया है, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठता है।
हस्ताक्षरकर्ताओं की जानकारी
सूत्रों ने बताया कि हस्ताक्षरकर्ताओं में ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी घटक दलों के सदस्य शामिल हैं। आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने भी इस पर हस्ताक्षर किए हैं, हालांकि वह औपचारिक रूप से विपक्षी गठबंधन का हिस्सा नहीं है। कुछ निर्दलीय सांसदों ने भी इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। नियमों के अनुसार, लोकसभा में कम से कम 100 सदस्यों के हस्ताक्षर और राज्यसभा में 50 सदस्यों के हस्ताक्षर की आवश्यकता होती है।
सीईसी पर विपक्ष के आरोप
विपक्षी दलों ने कई बार सीईसी पर सत्तारूढ़ भाजपा की सहायता करने का आरोप लगाया है। पिछले कुछ महीनों से विपक्ष मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर सीईसी पर निशाना साधता रहा है। उनका कहना है कि एसआईआर का उद्देश्य भाजपा को लाभ पहुंचाना है। सीईसी को हटाने का नोटिस संसद के किसी भी सदन में दिया जा सकता है, और इसे विशेष बहुमत से पारित किया जाना चाहिए, जिसमें सदन की कुल सदस्यता का बहुमत और उपस्थित सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत शामिल होना चाहिए।
