लोकसभा में 'जेन जेड' पर भाजपा और शिवसेना का विपक्ष पर हमला

भाजपा और शिवसेना के सांसदों ने लोकसभा में 'जेन जेड' के संदर्भ में विपक्ष पर तीखा हमला किया। तेजस्वी सूर्या ने कहा कि युवाओं का समर्थन प्रधानमंत्री मोदी के साथ है, जबकि सुप्रिया सुले ने विपक्ष के दावों को खारिज किया। इस चर्चा में 'डेलुलू' शब्द का भी उपयोग किया गया, जो भ्रम को दर्शाता है। जानें इस महत्वपूर्ण राजनीतिक चर्चा के बारे में और क्या कहा गया।
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भाजपा और शिवसेना का विपक्ष पर हमला

नई दिल्ली, 28 जुलाई: भाजपा और शिवसेना के सांसदों ने मंगलवार को लोकसभा में 'जेन जेड' के माध्यम से विपक्ष पर तीखा हमला किया। इस दौरान, राकांपा (शरद पवार) की सदस्य सुप्रिया सुले ने कहा कि 2029 में यह स्पष्ट होगा कि यह पीढ़ी किसके साथ है। भाजपा के तेजस्वी सूर्या ने लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा करते हुए कहा कि विपक्ष को यह भ्रम है कि आज का युवा उनके साथ है, जो कि एक बड़ा 'डेलुलू' है। उन्होंने कहा, 'युवाओं को पता है कि उनके पक्ष में काम करने वाला कोई और नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार है।'


'डेलुलू' एक इंटरनेट स्लैंग है, जो अंग्रेजी के 'डेल्यूजनल' से लिया गया है, जिसका अर्थ है 'ख्याली पुलाव पकाना'।


राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सुप्रिया सुले ने चर्चा में भाग लेते हुए सत्तापक्ष के सदस्यों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'ये लोग 'जेन जेड' की नई धारणा का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन भाजपा के सदस्यों ने शायद इंस्टाग्राम नहीं देखा। अगर देखा भी होगा, तो वे बोलेंगे नहीं क्योंकि उनके बच्चे हमारी ओर हैं।'


उन्होंने आगे कहा, 'अगली पीढ़ी न तो इनके साथ है और न ही हमारे साथ। जिस 'डेलुलू' की बात कर रहे हैं, आप भी उस भ्रम में न रहें कि वे आपके साथ हैं।'


उन्होंने यह भी कहा कि यह स्पष्ट होगा कि यह पीढ़ी किसके साथ है, 2029 में। वहीं, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उन्हें 'डेलुलू' हो गया है कि प्रदर्शनकारी छात्र उनके साथ आएंगे। 'जेन जेड' से तात्पर्य 1997 से 2012 के बीच जन्मी पीढ़ी के बच्चों से है।