राहुल गांधी का मोदी पर गंभीर आरोप: अमेरिका के नियंत्रण में होने का दावा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नियंत्रित हैं। उन्होंने मोदी के सत्ता में अन्नाद्रमुक को लाने की मंशा पर भी सवाल उठाए। गांधी ने कहा कि मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है और किसानों को बेच दिया है। इस बयान में उन्होंने ट्रंप के साथ मोदी के संबंधों का भी जिक्र किया। जानें इस विवादास्पद बयान की पूरी जानकारी।
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राहुल गांधी का मोदी पर गंभीर आरोप: अमेरिका के नियंत्रण में होने का दावा gyanhigyan

राहुल गांधी का बयान

कांग्रेस के नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 'नियंत्रित' हैं। गांधी का कहना है कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि अन्नाद्रमुक सत्ता में आए, ताकि वह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पर नियंत्रण रख सकें।


गांधी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने 'हमारी ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है और हमारे डेटा को दूसरों को सौंप दिया है, साथ ही हमारे किसानों और छोटे तथा मध्यम उद्योगों को भी बेच दिया है।'


उन्होंने परिसीमन विधेयक पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'कल (संसद में) आपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर आत्मविश्वास की कमी देखी।' राहुल गांधी ने एक चुनावी जनसभा में कहा, 'वह (प्रधानमंत्री) विपक्ष का सामना नहीं कर सके। वह अलग बैठे थे। इसका कारण यह है कि वह अमेरिका द्वारा नियंत्रित हैं। उन्होंने भारत-अमेरिका समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसने हमारे देश को बेच दिया।'


गांधी ने आगे कहा, 'अगर डोनाल्ड ट्रंप मोदी को कूदने के लिए कहें, तो मोदी कूद जाएंगे। अगर ट्रंप उन्हें लेटने के लिए कहें, तो वह लेट जाएंगे। क्यों? क्योंकि ट्रंप का मोदी पर पूरा नियंत्रण है। वह उन्हें कैसे नियंत्रित करते हैं? वह एप्स्टीन फाइलों के जरिए करते हैं।'


उन्होंने कहा, 'ट्रंप मोदी को नियंत्रित कर रहे हैं, और वह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को भी उसी तरह नियंत्रित करना चाहते हैं।' इसी कारण मोदी तमिलनाडु में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) को सत्ता में लाना चाहते हैं। केंद्र सरकार ने नवीनतम जेफरी एपस्टीन केस फाइलों में प्रधानमंत्री मोदी के संदर्भों को खारिज कर दिया है। सरकार ने इसे एक सजायाफ्ता अपराधी के घटिया विचार के रूप में वर्णित करते हुए कहा कि इसे अत्यधिक तिरस्कार के साथ खारिज किया जाना चाहिए।