रविंदर रैना ने फारूक अब्दुल्ला के विवादास्पद बयान की निंदा की

बीजेपी नेता रविंदर रैना ने फारूक अब्दुल्ला के विवादास्पद बयान की आलोचना की, जिसमें उन्होंने कुलगाम आतंकी हमले को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग से जोड़ा। रैना ने कहा कि राजनीतिक नेताओं को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होना चाहिए, न कि अटकलें लगाने वाले बयान देने चाहिए। उन्होंने इस घटना के राजनीतिकरण पर चिंता जताई और हर नेता से हत्यारों की निंदा करने का आग्रह किया। फारूक अब्दुल्ला ने भी इस हमले की गहन जांच की मांग की है।
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रविंदर रैना की प्रतिक्रिया

बीजेपी के नेता रविंदर रैना ने शनिवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला की आलोचना की। अब्दुल्ला ने कुलगाम में हुए आतंकी हमले को जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग से जोड़ा था, जिस पर रैना ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इसे अत्यंत विवादास्पद और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। रैना ने कहा कि कुलगाम में निर्दोष मजदूरों की हत्या के बाद, देश को उम्मीद है कि राजनीतिक नेता आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होंगे, न कि अटकलें लगाने वाले बयान देंगे।


राजनीतिकरण पर रैना की चिंता

रैना ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला का बयान बेहद विवादास्पद है और इसे राजनीतिकरण करने के बजाय आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य का दर्जा एक संवैधानिक मुद्दा है और इसे आतंकवादी घटनाओं से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। रैना ने कहा कि यह निंदनीय है कि कुछ नेता इस हमले को सही ठहरा रहे हैं और इसे राज्य के दर्जे से जोड़ रहे हैं। हर नेता को हत्यारों की निंदा करनी चाहिए और पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता दिखानी चाहिए।


फारूक अब्दुल्ला की मांग

इससे पहले, फारूक अब्दुल्ला ने कुलगाम जिले के केलम क्षेत्र में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या की गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि हमले के पीछे कौन था, इसकी पहचान होनी चाहिए। अब्दुल्ला ने पत्रकारों से बातचीत में यह भी सवाल उठाया कि जब राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठती है, तो ऐसी घटनाएं क्यों होती हैं। उन्होंने कहा कि हमलावरों की पहचान के लिए जांच होनी चाहिए।