योगी कैबिनेट में आज होगा विस्तार, छह नए मंत्रियों की संभावना
लखनऊ: कैबिनेट विस्तार की तैयारी
उत्तर प्रदेश में मंत्री बनने की उम्मीद लगाए विधायकों की धड़कनें तेज हो गई हैं। आज योगी कैबिनेट का विस्तार होने जा रहा है। शनिवार शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल से मुलाकात की। नए मंत्रियों को रविवार दोपहर तीन बजे शपथ दिलाई जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इस विस्तार में छह नए मंत्रियों की नियुक्ति की जा सकती है। यूपी में विधायकों की संख्या के अनुसार, कुल 60 मंत्री हो सकते हैं।
कैबिनेट में नए चेहरे
लोकसभा चुनाव के बाद, यूपी के कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद और राज्यमंत्री अनूप प्रधान अब सांसद बन चुके हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों सहित मंत्रिमंडल में 54 सदस्य हैं, जिनमें 21 कैबिनेट, 14 स्वतंत्र प्रभार और 19 राज्यमंत्री शामिल हैं। इस प्रकार, योगी मंत्रिमंडल में छह और मंत्री शामिल किए जा सकते हैं।
मंत्रियों के नामों पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार, पहले पार्टी आलाकमान कुछ मंत्रियों को हटाने पर विचार कर रहा था, लेकिन अब ऐसा नहीं किया जाएगा। केवल छह विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। इसको लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
मनोज पांडेय और पूजा पाल के नाम चर्चा में
2024 में हुए राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के सात विधायकों ने बीजेपी के लिए क्रॉस वोटिंग की थी। इनमें से मनोज पांडेय और पूजा पाल को मंत्री बनाए जाने की संभावना है। मनोज पांडेय ब्राह्मण हैं और पूजा पाल ओबीसी से हैं।
पूजा पाल का राजनीतिक सफर
पूजा पाल, इलाहाबाद के पूर्व विधायक राजू पाल की पत्नी हैं। माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ राजू पाल की हत्या के मुख्य आरोपी हैं। पूजा पाल ने 2022 में विधानसभा चुनाव सपा के टिकट पर लड़ा था, लेकिन राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोट किया था। इसके बाद उन्हें अखिलेश यादव ने पार्टी से निकाल दिया।
भूपेंद्र चौधरी और अन्य संभावित मंत्री
इसके अलावा, यूपी बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का मंत्री बनना भी तय माना जा रहा है। कृष्णा पासवान, अशोक कटारिया और सुरेन्द्र दिलेर के नाम भी चर्चा में हैं। हंसराज विश्वकर्मा और आशा मौर्य का नाम भी मंत्री पद के लिए चल रहा है। कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना है।
योगी आदित्यनाथ का दूसरा कार्यकाल
योगी आदित्यनाथ ने 2022 में अपने दूसरे कार्यकाल में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इस दौरान यूपी कैबिनेट का पहला विस्तार मार्च 2024 में हुआ था। 2027 में यूपी में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए कैबिनेट विस्तार में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों का ध्यान रखा जाएगा।
