मिल्कीपुर सीट पर खिल चुका है कमल, अखिलेश यादव प्रोपेगेंडा पॉलिटिक्स के चैंपियन : राकेश त्रिपाठी

लखनऊ, 5 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर बुधवार को मतदान हुआ। कड़ी सुरक्षा के बीच वोटर्स ने अपने मत का प्रयोग किया।
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लखनऊ, 5 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर बुधवार को मतदान हुआ। कड़ी सुरक्षा के बीच वोटर्स ने अपने मत का प्रयोग किया।

वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में पीठासीन अधिकारियों द्वारा फर्जी मतदान का 'टारगेट' पूरा किए जाने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट और निर्वाचन आयोग से इसका संज्ञान लेने का आग्रह किया है।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव की शिकायत को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश यादव प्रोपेगेंडा पॉलिटिक्स के चैंपियन बन गए हैं और इसलिए फर्जी तरीके से फोटो, वीडियो, ऑडियो के द्वारा लोगों को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। वो जान चुके हैं कि मिल्कीपुर का परिणाम उनके हाथ से निकल चुका है।

उन्होंने कहा कि मिल्कीपुर सीट पर भारतीय जनता पार्टी का कमल खिल चुका है और इसलिए हताश होकर झूठे फोटो, वीडियो, ऑडियो के आधार चुनाव आयोग को बदनाम करने का प्रयास क‍िया जा रहा है। देश की लोकतांत्रिक निर्वाचन प्रणाली में अब सपा का विश्वास नहीं रह गया है, इसलिए परिणाम के बाद वो ईवीएम पर ठीकरा फोड़ने के साथ-साथ पूरी निर्वाचन की प्रणाली पर सवाल उठाने का काम करेंगे।

सपा मुखि‍या अख‍िलेश यादव ने मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "ये है पीठासीन अधिकारियों की सच्चाई का स्टिंग ऑपरेशन, जो सत्ताधारी के लिए फर्जी मतदान का टारगेट पूरा कर रहे हैं। इनके बूथों पर तुरंत चुनाव रद्द किया जाए और इन्हें प्रथमदृष्ट्या ऑडियो सबूतों के आधार पर निलंबित किया जाए और फिर उचित न्यायिक कार्रवाई के बाद बर्खास्त भी क‍िया जाए। अधिकारियों की चुनावी धांधली और हेराफेरी के ऐसे और भी वीडियो-ऑडियो आ रहे हैं। जब इनकी नौकरी जाएगी और समाज में बदनामी होगी, शायद तब इनका ईमान और जमीर जगेगा। सरकार इनका इस्तेमाल कर अपना पल्‍ला झाड़ लेगी, तब ये जेलों में होंगे और अपने समाज, परिवार और बच्चों की नजर में अपमान की जिंदगी जीएंगे। हम उन ईमानदार और सच्चे अधिकारियों की प्रशंसा करते हैं, जिन्होंने भाजपा ऑफ़िस से दिए गए ‘फ़र्ज़ी मतदान के टारगेट’ को मानने से इनकार कर दिया है।"

--आईएएनएस

एकेएस/सीबीटी