मायावती ने सपा की जातिवादी राजनीति पर किया तीखा हमला

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला किया है, जिसमें उन्होंने सपा की जातिवादी राजनीति और चुनावी स्वार्थ को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि सपा गिरगिट की तरह रंग बदलती है और अपने राजनीतिक लाभ के लिए ब्राह्मण समाज का उपयोग कर रही है। मायावती ने सपा के 'पीडीए' फॉर्मूले पर भी सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक छल बताया। उनका यह बयान समाज में जागरूकता फैलाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
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मायावती का सपा पर आरोप

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) के 'ब्राह्मण प्रेम' पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। शनिवार को उन्होंने कहा कि सपा अपनी संकीर्ण जातिवादी राजनीति और चुनावी स्वार्थ के लिए 'गिरगिट की तरह रंग बदलती रहती है।'


मायावती ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, 'बसपा सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय की नीति पर चलने वाली एक आंबेडकरवादी पार्टी है। उत्तर प्रदेश में हमारी चार बार की सरकार भी इसी सिद्धांत पर आधारित रही है, जबकि सपा अपनी जातिवादी राजनीति के लिए बार-बार अपने रंग बदलती है।'


उन्होंने सपा के 'पीडीए' फॉर्मूले पर भी सवाल उठाए। मायावती ने कहा, 'सपा द्वारा प्रचारित पीडीए में पहले 'पी' का मतलब पिछड़ा था, लेकिन अब ब्राह्मण समाज के तेजी से जुड़ने के कारण सपा ने 'पी' का अर्थ 'पंडित' कर दिया है। यह उनके राजनीतिक छल का स्पष्ट उदाहरण है।'


सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पांच अगस्त को दिवंगत जनेश्वर मिश्र की जयंती पर कहा था कि पीडीए में 'पी' का मतलब 'पंडित' है। मायावती ने इस पर तंज करते हुए कहा, 'ऐसी छल की राजनीति से किसी व्यक्ति का कुछ समय के लिए भला हो सकता है, लेकिन समाज का भला कभी नहीं हो सकता।'


उन्होंने आगे कहा, 'इसलिए सर्वसमाज के लोगों को ऐसी छलावापूर्ण समाजवादी पार्टी और उसकी संकीर्ण जातिवादी राजनीति से सावधान रहना चाहिए। यह समय की मांग है और सर्वसमाज के हित में भी है।'