महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर संसद का विशेष सत्र नहीं होगा

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों के लिए 16 से 18 अगस्त के बीच संसद का कोई विशेष सत्र नहीं होगा। सरकार मौजूदा मॉनसून सत्र में संविधान संशोधन विधेयक पारित करने की कोशिश कर रही है, जिसका उद्देश्य 2029 में लोकसभा चुनावों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना है। इस बीच, रीजीजू ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।
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महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर मंत्री का बयान

नई दिल्ली, 5 अगस्त: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार रात स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों के लिए 16 से 18 अगस्त के बीच संसद का विशेष सत्र आयोजित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। वर्तमान मॉनसून सत्र में सरकार संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने की कोशिश कर रही है। इस विधेयक का उद्देश्य 2029 में होने वाले लोकसभा चुनावों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना और लोकसभा सीटों की संख्या को बढ़ाकर 816 करना है।


कुछ राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि स्वतंत्रता दिवस के बाद संसद का विशेष सत्र बुलाकर परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को फिर से पेश किया जा सकता है। इस विषय पर पूछे जाने पर रीजीजू ने किसी भी विशेष सत्र के प्रस्ताव से इनकार किया। उन्होंने कहा, 'महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक के लिए 16 से 18 अगस्त के बीच कोई विशेष सत्र नहीं होगा।'


इस बीच, सूत्रों के अनुसार, रीजीजू ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की और विधेयक को फिर से पेश करने पर चर्चा की, लेकिन कांग्रेस नेता ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया।