महाराष्ट्र में फडणवीस ने कांग्रेस के साथ गठबंधन को किया अस्वीकार
मुख्यमंत्री का स्पष्ट बयान
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार, 7 जनवरी को कांग्रेस के साथ किसी भी प्रकार के गठबंधन से स्पष्ट रूप से इनकार किया। उन्होंने इसे "अस्वीकार्य" करार दिया। फडणवीस ने बताया कि अंबरनाथ में स्थानीय स्तर पर लिए गए निर्णयों में सुधार किया जाएगा। यह बयान तब आया जब अंबरनाथ नगर परिषद में एक अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जिसमें भाजपा और कांग्रेस ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को सत्ता में आने से रोकने के लिए सहयोग किया। इस कदम ने राज्य में राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है।
गठबंधन की अस्वीकृति
फडणवीस ने कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अंबरनाथ में स्थानीय स्तर पर लिए गए निर्णयों को बदला जाएगा। ठाणे जिले में, जो मुंबई से लगभग 70 किलोमीटर दूर है, भाजपा के "कांग्रेस-मुक्त भारत" अभियान के बावजूद यह अप्रत्याशित गठबंधन देखने को मिला। इसका उद्देश्य शिवसेना के शिंदे गुट को सत्ता से बाहर रखना था। भाजपा और कांग्रेस के इस गठबंधन ने राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं और महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति में बहस को जन्म दिया है।
अंबरनाथ विकास अघाड़ी का गठन
इस गठबंधन को "अंबरनाथ विकास अघाड़ी" का नाम दिया गया है। हालांकि, इस घटनाक्रम ने शिवसेना के शिंदे गुट में असंतोष पैदा कर दिया है। भाजपा-कांग्रेस के इस गठबंधन के बाद शिंदे गुट ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए इसे "अपवित्र गठबंधन" कहा है। शिवसेना विधायक बालाजी किनिकर ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह कांग्रेस के साथ मिलकर शिवसेना पर हमला कर रही है, जबकि वह "कांग्रेस-मुक्त भारत" का नारा देती है।
