महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका, छह सांसद शिंदे गुट में शामिल होने की तैयारी में
महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़
महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति में एक महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह सांसद आज एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की प्रक्रिया में हैं। यदि यह दलबदल सच साबित होता है, तो यह उद्धव ठाकरे गुट के लिए 2022 में हुई बगावत के बाद का सबसे बड़ा झटका होगा।
सांसदों की औपचारिक घोषणा
सूत्रों का कहना है कि ये छह सांसद आज दोपहर 3 बजे के बाद शिंदे गुट में औपचारिक रूप से शामिल हो सकते हैं। इस प्रक्रिया से पहले, सुबह लगभग 11 बजे सांसदों की तस्वीरों के साथ एक आधिकारिक पत्र जारी होने की संभावना है। इसके बाद शाम को 4 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जा सकती है। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
बगावत के संकेत
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब शिवसेना (UBT) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह ने दिल्ली में संसदीय दल की बैठक में भाग नहीं लिया। खबरों के अनुसार, सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र सौंपकर अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की है। इस कदम ने अटकलें बढ़ा दी हैं कि वे उद्धव ठाकरे गुट से अलग होकर शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की योजना बना रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
यदि यह विलय सफल होता है, तो एकनाथ शिंदे की स्थिति महाराष्ट्र की राजनीति में और मजबूत होगी, और यह केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को भी समर्थन प्रदान करेगा। यह संभावित बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब राजनीतिक विश्लेषक इसे "ऑपरेशन टाइगर" के रूप में देख रहे हैं, जो शिवसेना (UBT) के भीतर बढ़ती बगावत को दर्शाता है।
अमित शाह का बयान
यह घटनाक्रम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अब केवल एक ही शिवसेना है, जो एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में एकजुट है। कोल्हापुर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शाह ने कहा कि पहले लोग "शिवसेना-शिंदे गुट" के बारे में बात करते थे, लेकिन अब पार्टी में कोई गुट नहीं है।
