ममता बनर्जी पर राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप, सीएम मोहन यादव की तीखी प्रतिक्रिया

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे 'घृणित मानसिकता' का उदाहरण बताते हुए ममता से माफी की मांग की। राष्ट्रपति मुर्मू ने कार्यक्रम में अपने स्वागत की कमी पर नाराजगी जताई, जबकि टीएमसी ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। यह विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है, जिसमें बीजेपी इसे राष्ट्रपति का अपमान बता रही है।
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ममता बनर्जी पर राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप, सीएम मोहन यादव की तीखी प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री मोहन यादव की निंदा


भोपाल/जयपुर, 8 मार्च 2026: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन के लिए कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे 'घृणित मानसिकता' का उदाहरण बताते हुए ममता बनर्जी से सार्वजनिक माफी की मांग की। यह विवाद तब शुरू हुआ जब राष्ट्रपति मुर्मू ने 7 मार्च को सिलीगुड़ी के निकट बिधाननगर में आयोजित 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में भाग लिया, जहां उनका औपचारिक स्वागत नहीं किया गया।


सीएम मोहन यादव ने भोपाल से जारी एक बयान में कहा, "महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के बंगाल दौरे के दौरान ममता बनर्जी द्वारा किया गया व्यवहार निंदनीय है। राष्ट्रपति का पद सभी राजनीतिक गतिविधियों से ऊपर है। जब राष्ट्रपति राजकीय दौरे पर हों, तो मुख्यमंत्री को उनकी गरिमा का ध्यान रखना चाहिए था। यह बंगाल सरकार के लिए शर्मनाक है। मैं उम्मीद करता हूं कि ममता बनर्जी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत माफी मांगेंगी।"


राष्ट्रपति मुर्मू ने मंच पर अपनी नाराजगी व्यक्त की कि कार्यक्रम स्थल बदला गया, कई आदिवासी सदस्य उपस्थित नहीं हो सके, और न ही मुख्यमंत्री या कोई मंत्री स्वागत के लिए मौजूद थे। उन्होंने मजाक में कहा, "शायद ममता दीदी मुझसे नाराज हैं।" इस पर केंद्र सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया है। गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से शाम 5 बजे तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें एयरपोर्ट पर स्वागत न होना, रूट पर कचरा, और शौचालय में पानी न होना जैसी लापरवाहियों का उल्लेख है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे "संविधान का अपमान" करार दिया है।


इस बीच, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि प्रोटोकॉल का पालन किया गया था। ममता बनर्जी ने जवाब में कहा, "बीजेपी शासित राज्यों में आदिवासियों पर अत्याचार हो रहे हैं, वहां चुप क्यों हैं?" यह विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है, जहां बीजेपी इसे राष्ट्रपति के अपमान के रूप में पेश कर रही है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिकरण बता रहा है।