ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग से तृणमूल कांग्रेस विवाद की त्वरित जांच की मांग की

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग से तृणमूल कांग्रेस पर चल रहे विवाद की जांच को शीघ्रता से समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने पत्र में कहा कि विरोधी पक्ष को और समय नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि इससे राजनीतिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। ममता ने आरोप लगाया कि विरोधी पक्ष बार-बार दिए जा रहे अतिरिक्त समय का दुरुपयोग कर रहा है। जानें इस मामले में ममता के ताजा बयान और उनकी चिंताएं।
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ममता बनर्जी की निर्वाचन आयोग को पत्र

कोलकाता, 29 जुलाई: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया कि वह बिना किसी और समय दिए तृणमूल कांग्रेस पर चल रहे विवाद की जांच को शीघ्रता से समाप्त करे। उन्होंने निर्वाचन आयोग के सचिव अश्विनी कुमार मोहल को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि आयोग को तृणमूल कांग्रेस पर दावेदारी की जांच को जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए और विरोधी पक्ष को अपनी दलीलें पेश करने के लिए कोई अतिरिक्त समय नहीं देना चाहिए।


ममता ने पत्र में लिखा, "चूंकि यह मामला पश्चिम बंगाल में गंभीर राजनीतिक प्रभाव डालने वाला है, इसलिए मैं आपसे निवेदन करती हूं कि जांच को जल्दी समाप्त करें और उन्हें (विरोधी पक्ष) अपनी दलीलें पेश करने के लिए कोई और तारीख न दें।"


उन्होंने यह भी कहा कि आयोग द्वारा बार-बार अतिरिक्त समय दिए जाने के बावजूद विरोधी पक्ष ने कोई जवाब नहीं दिया है। ममता ने कहा, "इससे यह स्पष्ट होता है कि छह जुलाई 2026 के पत्र में हमने जो दलीलें और बयान दिए हैं, उन्हें मान लिया गया है और उनके पास हमारी दलीलों का कोई उत्तर नहीं है।"


ममता ने आरोप लगाया कि विरोधी पक्ष बार-बार दिए जा रहे अतिरिक्त समय का दुरुपयोग कर रहा है।


उन्होंने कहा, "हमारा विश्वास है कि आपके द्वारा बार-बार अतिरिक्त समय दिए जाने के कारण ऋतब्रत बनर्जी और अन्य लोग अपने मामले को मजबूत करने के लिए झूठे सबूत बनाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि उनके आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है और हमने उनका दृढ़ता से खंडन किया है।"