मथुरा में भगवान कृष्ण मुस्कुराएंगे, वोट सिर्फ कमल को देना : सीएम मोहन यादव

नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को दिल्ली में कहा कि इस बार हमारी जवाबदेही ज्यादा है, क्योंकि अब भगवान श्रीराम अपने मंदिर में मुस्कुरा रहे हैं तो वह मोदी सरकार के प्रयासों के कारण है। एक बार फिर से मोदी सरकार ही बने और इस बार मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण भी मुस्कुराएं, उसके लिए वोट सिर्फ कमल को देना है।
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नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को दिल्ली में कहा कि इस बार हमारी जवाबदेही ज्यादा है, क्योंकि अब भगवान श्रीराम अपने मंदिर में मुस्कुरा रहे हैं तो वह मोदी सरकार के प्रयासों के कारण है। एक बार फिर से मोदी सरकार ही बने और इस बार मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण भी मुस्कुराएं, उसके लिए वोट सिर्फ कमल को देना है।

उन्होंने यहां पश्चिमी दिल्ली से भाजपा प्रत्याशी कमलजीत सहरावत के समर्थन में जनसभा की। यादव ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव अपना अंतिम रूप ले रहा है, वैसे-वैसे घमंडियां गठबंधन का अहंकार टूटता जा रहा है, क्योंकि मोदी सरकार को एक बार फिर से जन समर्थन मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार उन्नति के पथ पर अग्रसर हो रहा है। विश्‍व में भारत ने हर क्षेत्र में मजबूती के साथ प्रतिस्पर्धा के रूप में अपना स्थान बनाया है।

मोहन यादव ने कहा कि यही दिल्ली जहां आतंकवादी घटना लगातार सुनाई देती थी, लेकिन दिल्ली में पिछले 10 सालों से किसी भी प्रकार की कोई आतंकवादी गतिविधि नहीं हुई जो मोदी सरकार के सशक्त नेतृत्व का उदाहरण है। उन्होंने कहा, "जब मैं मध्य प्रदेश का शिक्षा मंत्री था तो सबसे पहले मैंने नई शिक्षा नीति लागू की। आज देश के अंदर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उदाहरण पूरे देश में एक सशक्त सरकार के रूप में लिया जा रहा है। यह भगवान श्रीराम का समय चल रहा है।"

उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस को चुनाव लड़ने के लिए उत्तर प्रदेश में 80 लोकसभा प्रत्याशी नहीं मिल रहे हैं, वह प्रधानमंत्री मोदी को चुनौती दे रही है। दिल्ली के अंदर भी वही स्थिति है। यहां भी एक गठबंधन तो है, लेकिन मन नहीं मिल रहा है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ही वह पार्टी थी जो कोरोना के टीके को मोदी का टीका कहकर हंसी उड़ाई थी, लेकिन विश्‍व आज मोदी के नेतृत्व का लोहा मान रहा है और यूक्रेन युद्ध में तो सिर्फ तिरंगा ही काफी था।

--आईएएनएस

जीसीबी/एसजीके