मंगलदाई विधानसभा क्षेत्र में चुनावी मुकाबला: भाजपा और कांग्रेस के बीच टक्कर

मंगलदाई विधानसभा क्षेत्र में आगामी चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला देखने को मिलेगा। नीलिमा देवी और रिजुमोनी तालुकदार जैसे नए चेहरे मतदाताओं के बीच अपनी पहचान बनाने के लिए विभिन्न रणनीतियों का उपयोग कर रहे हैं। इस क्षेत्र में कुल 2,01,732 मतदाता हैं, जिनमें से अधिकांश हिंदू और मुस्लिम समुदाय से हैं। चुनावी प्रचार में भाजपा के स्टार प्रचारकों की सक्रियता और कांग्रेस के उम्मीदवार की स्थानीय रणनीतियाँ चर्चा का विषय बनी हुई हैं। जानें इस चुनावी दौड़ के बारे में और क्या हो सकता है परिणाम।
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मंगलदाई विधानसभा क्षेत्र में चुनावी मुकाबला: भाजपा और कांग्रेस के बीच टक्कर

मंगलदाई विधानसभा क्षेत्र का महत्व

Rijumoni Talukdar (बाएं), Nilima Devi (दाएं)

मंगलदाई, 7 अप्रैल: मंगलदाई मध्य असम का एक महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र है। यह क्षेत्र 1991 में 9वें असम विधानसभा चुनावों के दौरान अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित किया गया था।

34 वर्षों के बाद, यह क्षेत्र अब आरक्षण से मुक्त हो गया है। इस चुनाव में कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं – भाजपा की नीलिमा देवी, कांग्रेस के रिजुमोनी तालुकदार, एआईयूडीएफ के अजीजुर रहमान, टीएमसी के हरेकृष्ण डेका, एसयूसीआई-कम्युनिस्ट के अजीत आचार्य और स्वतंत्र उम्मीदवार प्रबिन कुमार डेका।

इन सभी उम्मीदवारों के लिए यह चुनावी दौड़ नई है। पिछले दस दिनों में, उन्होंने मतदाताओं तक पहुंचने के लिए विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया है, लेकिन भाजपा की नीलिमा देवी और कांग्रेस के रिजुमोनी तालुकदार चुनाव प्रचार में अन्य उम्मीदवारों से काफी आगे हैं।

भाजपा के स्टार प्रचारकों में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राज्य अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने पहले ही चुनावी रैलियों में भाग लिया है। भाजपा की उम्मीदवार नीलिमा देवी दिन-रात मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर व्यापक प्रचार कर रही हैं।

वहीं, इस रिपोर्ट के प्रकाशन तक कांग्रेस पार्टी के किसी स्टार प्रचारक को रिजुमोनी तालुकदार के लिए चुनाव प्रचार करते नहीं देखा गया है। हालांकि, तालुकदार भी चुप नहीं बैठे हैं और मतदाताओं के करीब आने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

बड़े चुनावी सभाओं के बजाय, तालुकदार छोटे-छोटे रैलियों का आयोजन कर, धार्मिक स्थलों का दौरा कर और घर-घर जाकर मतदाताओं का दिल जीतने की कोशिश कर रहे हैं।

हालिया परिसीमन ने क्षेत्र के भू-राजनीतिक परिदृश्य में कुछ बदलाव लाए हैं।

हालिया चुनावी आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र में कुल 2,01,732 मतदाता हैं, जिनमें से 1,11,740 पुरुष और 99,989 महिला मतदाता हैं।

स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जनसांख्यिकीय दृष्टिकोण से, इस क्षेत्र में लगभग 1,22,000 हिंदू और लगभग 30,000 भाषाई अल्पसंख्यक समुदाय के लोग हैं।

इसके अलावा, मुस्लिम समुदाय के लगभग 78,000 मतदाता हैं, जिसमें धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय भी शामिल है।

2021 के विधानसभा चुनावों के परिणामों ने दिखाया कि कांग्रेस के उम्मीदवार बसंता दास ने 1,11,386 वोट प्राप्त कर सीट जीती, जबकि भाजपा के उम्मीदवार गुरुज्योति दास को 87,320 वोट मिले।

हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनावों के परिणामों ने भाजपा के उम्मीदवार की प्रदर्शन में काफी सुधार दिखाया। भाजपा के उम्मीदवार ने 96,213 वोट प्राप्त किए, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार को 58,288 वोट पर संतोष करना पड़ा।

इस बीच, सभी छह उम्मीदवार 9 अप्रैल को जनता का समर्थन प्राप्त करने के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि मुख्य चुनावी मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही होगा।