भाजपा ने राहुल गांधी पर किया तीखा हमला, कहा 'अपरिपक्व' नेता
भाजपा का राहुल गांधी पर हमला
नई दिल्ली, 5 अगस्त: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर बुधवार को कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें 'अपरिपक्व' और 'अंशकालिक' नेता प्रतिपक्ष करार दिया। भाजपा ने आरोप लगाया कि गांधी संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि मोदी सरकार के कार्यों की तुलना पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत संप्रग सरकार से की जाएगी। सत्तारूढ़ दल ने गांधी पर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ 'निराधार' टिप्पणियां करने का भी आरोप लगाया।
गांधी ने मंगलवार को पूर्व सांसद वाइको की पुस्तक विमोचन के दौरान कहा कि देश के छात्र 'गहरी पीड़ा' में हैं और उन्हें मोदी से माफी नहीं चाहिए, बल्कि वे चाहते हैं कि सरकार की कार्रवाई के लिए मोदी सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्र सड़कों पर इसलिए हैं क्योंकि आरएसएस देश के इतिहास को फिर से लिखने का प्रयास कर रहा है। गांधी ने कहा कि भारत अपने इतिहास को किसी के द्वारा रौंदे जाने को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हर राज्य को अपनी संस्कृति के साथ समान व्यवहार पाने का अधिकार है, लेकिन आरएसएस केवल अपने दृष्टिकोण वाला इतिहास स्वीकार करना चाहता है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि राहुल गांधी 'अपरिपक्व', 'अंशकालिक' और 'गैर-जिम्मेदार' नेता प्रतिपक्ष हैं। उन्होंने कहा कि गांधी संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि मोदी सरकार के कामकाज की तुलना में कांग्रेस की पोल खुल जाएगी। भाटिया ने कहा, 'राहुल गांधी डरे हुए हैं। उन्हें पता है कि जब प्रभावशाली मोदी सरकार और 2004 से 2014 तक की कमजोर कांग्रेस सरकार की तुलना होगी, तो कांग्रेस बेनकाब हो जाएगी।'
भाटिया ने राहुल गांधी की मोदी और आरएसएस पर की गई टिप्पणियों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता 'मोदी-भय' और 'आरएसएस-भय' से ग्रस्त हैं। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी बिना किसी प्रमाण के संघ की विचारधारा को बार-बार 'जहरीली' बताते हैं।'
छात्रों और परीक्षा सुधारों पर गांधी की टिप्पणियों का जिक्र करते हुए भाटिया ने आरोप लगाया कि विपक्ष शासित राज्यों में प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर गांधी चुप रहते हैं। उन्होंने कहा, 'झारखंड, कर्नाटक और केरल में प्रश्नपत्र लीक हुए, लेकिन राहुल गांधी गायब रहे।'
संसद में गतिरोध के बारे में पूछे जाने पर भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी सदन में चर्चा के दौरान सरकार के तर्कों का जवाब नहीं दे पाते और इसलिए सदन से 'भाग जाते' हैं। उन्होंने कहा, 'क्या नेता प्रतिपक्ष को सदन में पूरी तैयारी के साथ नहीं आना चाहिए? राहुल गांधी संसद से भी भागते हैं।'
भाटिया ने विदेशों से भगोड़ों को वापस लाने के मामले में मोदी सरकार के रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे राजग और पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के बीच का अंतर स्पष्ट होता है। उन्होंने कहा, '2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़ों को भारत वापस लाया गया, यानी औसतन हर वर्ष 40 भगोड़ों को वापस लाया गया।'
अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को निरस्त किए जाने के सात वर्ष पूरे होने पर भाटिया ने 5 अगस्त को 'ऐतिहासिक दिन' बताया और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दिया।
