भाजपा ने पुणे चुनाव में पूजा मोरे-जाधव की उम्मीदवारी वापस ली

भारतीय जनता पार्टी ने पुणे महानगरपालिका चुनाव में पूजा मोरे-जाधव की उम्मीदवारी को वापस ले लिया है। यह निर्णय पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी के चलते लिया गया। मोरे-जाधव की उम्मीदवारी विवाद में आ गई थी, जब उनके पुराने वीडियो में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ टिप्पणियां सामने आईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार होने का भी आरोप लगाया। जानें इस मामले की पूरी कहानी।
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भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी के चलते फैसला

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पुणे महानगरपालिका चुनाव में पूजा मोरे-जाधव की उम्मीदवारी को वापस लेने का निर्णय लिया है। यह कदम पार्टी कार्यकर्ताओं की असंतोष के बाद उठाया गया है। पूजा मोरे-जाधव को 15 जनवरी को होने वाले चुनाव के लिए सहयोगी दल रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के कोटे से वार्ड नंबर दो से उम्मीदवार के रूप में नामांकित किया गया था।


विवादित वीडियो के कारण उम्मीदवारी पर सवाल

उनकी उम्मीदवारी उस समय विवाद में आ गई जब मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनकी पत्नी के खिलाफ की गई व्यक्तिगत टिप्पणियों के पुराने वीडियो सामने आए।


नामांकन की पुष्टि और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री और पुणे से भाजपा सांसद मुरलीधर मोहोल ने पुष्टि की कि पूजा मोरे-जाधव का नामांकन वापस ले लिया गया है। वहीं, मोरे-जाधव ने खुद को सोशल मीडिया पर ‘ट्रोलिंग’ का शिकार बताया।


उन्होंने कहा, 'मेरे बारे में गलत जानकारी फैलाई गई और यह दिखाने की कोशिश की गई कि मैं भाजपा की विचारधारा में विश्वास नहीं रखती। सोशल मीडिया पर ‘ट्रोलिंग’ को देखते हुए मैंने अपना नामांकन वापस लेने का निर्णय लिया।' उन्होंने यह भी कहा कि ये टिप्पणियां 'किसी और लड़की' ने की थीं, लेकिन उनका नाम इससे जोड़ दिया गया।