भाजपा ने तेलंगाना सरकार के परिवार पंजी निर्णय की आलोचना की

तेलंगाना में भाजपा के अध्यक्ष एन. राम चंद्र राव ने राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए इलेक्ट्रॉनिक परिवार पंजी के निर्णय की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने अवैध वोट बैंक को बचाने के लिए जल्दबाजी में प्रमाणपत्र जारी कर रही है। भाजपा ने इस मुद्दे पर सड़कों और अदालतों में लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और भाजपा की रणनीति।
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भाजपा का आरोप: कांग्रेस कर रही है अवैध वोट बैंक का संरक्षण

हैदराबाद, 28 जुलाई: भाजपा के तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष एन. राम चंद्र राव ने राज्य सरकार द्वारा 'इलेक्ट्रॉनिक परिवार पंजी' लागू करने के निर्णय की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ कांग्रेस विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान अपने 'अवैध वोट बैंक' को बचाने के लिए जल्दबाजी में परिवार पंजी प्रमाणपत्र जारी करने की योजना बना रही है।


राव ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी राज्य की मतदाता सूची में किसी भी अवैध रोहिंग्या, बांग्लादेशी या पाकिस्तानी नागरिक को स्थान नहीं देने का संकल्प लेती है। भाजपा नेता ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'कांग्रेस, बीआरएस (भारत राष्ट्र समिति) और एमआईएम (मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) ने दशकों तक अवैध वोट बैंक को संरक्षण दिया है।'


उन्होंने आगे कहा, 'अब विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान उन्हें अपनी राजनीतिक स्थिति कमजोर होती दिखाई दे रही है। यही कारण है कि कांग्रेस सरकार अवैध तरीके से जल्दबाजी में परिवार पंजी प्रमाणपत्र जारी करने में जुटी है।' भाजपा ने इस मुद्दे पर सड़कों और अदालतों में लड़ाई लड़ने की तैयारी की है। राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर पूरे राज्य में इलेक्ट्रॉनिक 'तेलंगाना परिवार पंजी' का गठन किया है और 'मी-सेवा' मंच के माध्यम से परिवार पंजी प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है।


सरकारी आदेश के अनुसार, नागरिक सेवाओं की उपलब्धता को सुगम बनाने, परिवार संबंधी विवरणों के सत्यापन में एकरूपता सुनिश्चित करने और परिवारों का आधिकारिक अभिलेख तैयार करने के उद्देश्य से सरकार ने परिवार पंजी लागू करने का निर्णय लिया है।