भाजपा ने कांग्रेस पर संसद में अवरोध पैदा करने का लगाया आरोप
संसद में अवरोध का आरोप
नई दिल्ली, चार अगस्त: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर संसद के मानसून सत्र में जानबूझकर रुकावट डालने का आरोप लगाया। भाजपा ने कहा कि विपक्ष के व्यवहार के कारण महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा बाधित हुई है और प्रश्नपत्र लीक तथा छात्रों के प्रदर्शन जैसे मुद्दों पर विपक्ष का ‘दोहरा रवैया’ उजागर हुआ है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और लोकसभा सदस्य संबित पात्रा ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संसद के हर सत्र पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, फिर भी प्रश्नकाल और शून्यकाल में बार-बार रुकावटें आ रही हैं, जिससे सांसदों को अपने निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाने का अवसर नहीं मिल रहा है।
पात्रा ने कहा, ‘‘संसद का मानसून सत्र जिस तरह से चल रहा है और कांग्रेस अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर जिस प्रकार रुकावटें डाल रही है, यह चिंता का विषय है।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘सत्र की शुरुआत से अब तक संसद में प्रश्नकाल नहीं हो सका है। शून्यकाल के दौरान भी व्यवधान उत्पन्न किया जा रहा है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि शायद ही किसी विधेयक पर चर्चा हो रही है।
कांग्रेस पार्टी और ‘इंडिया’ गठबंधन के कुछ सहयोगियों के व्यवहार को इस स्थिति का कारण बताते हुए पात्रा ने कहा कि वह विपक्ष के दोहरे मानकों से चकित हैं और आशंका जताई कि विपक्ष मंगलवार को भी संसद की कार्यवाही को बाधित कर सकता है। प्रश्नपत्र लीक के मामलों में कांग्रेस पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए पात्रा ने कहा कि पार्टी उन राज्यों में चुप रहती है जहां वह सत्ता में है, जबकि अन्य स्थानों पर ऐसे मुद्दों पर राजनीति करती है।
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे द्वारा पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर की गई टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए पात्रा ने आरोप लगाया, ‘‘प्रियांक खरगे ने कहा कि छात्रों को पहले 25 दिन की भूख हड़ताल करनी चाहिए, जिसके बाद उन पर लाठीचार्ज होगा और तब वह इस्तीफा देने पर विचार करेंगे। राहुल गांधी इस पर चुप हैं।’’
पात्रा ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने झारखंड में 14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा, ‘‘संसद के मकर द्वार पर जेपीएससी परीक्षा के मुद्दे पर कोई कांग्रेस सांसद तख्ती पकड़े हुए नहीं दिखा। यह केवल राजनीतिक लाभ के लिए किया गया चयनित गुस्सा है।’’
पात्रा ने अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी पर संसद परिसर में विपक्ष के हालिया विरोध प्रदर्शन की भी निंदा की और कहा कि इससे हिंदू संतों का अपमान हुआ है और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
उन्होंने आरोप लगाया कि साधु के वस्त्र पहने एक व्यक्ति को चोर बताना और विरोध के दौरान उसे घसीटना हिंदू समुदाय के लिए गलत संदेश देता है। उनका इशारा पिछले दिनों संसद परिसर में निर्दलीय सदस्य राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के साधुओं के भगवा वस्त्र पहनकर प्रदर्शन करने की ओर था।
