बीजेपी अध्यक्ष का अखिलेश यादव पर तीखा हमला: जातिवाद और परिवारवाद के आरोप
पंकज चौधरी का हमला
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर तीखे आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत पोस्ट में जाति-आधारित राजनीति, परिवारवाद और भर्ती घोटालों के मुद्दों पर गंभीर टिप्पणियां कीं। चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव अपने कार्यकाल (2012-2017) की गलतियों को केवल बड़े शब्दों से नहीं छिपा सकते।
भर्ती और परिवारवाद का ऑडिट
चौधरी ने अखिलेश यादव को चुनौती दी कि यदि उनमें हिम्मत है, तो वे अपने कार्यकाल के दौरान हुए भर्ती और परिवारवाद के ऑडिट को सार्वजनिक करें। उन्होंने यादव के जाति जनगणना के दावे को संवैधानिक अज्ञानता और झूठ करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब समाजवादी पार्टी सत्ता में थी, तब जाति जनगणना की मांग क्यों नहीं उठाई गई?
पर्ची-खर्ची मॉडल का आरोप
पंकज चौधरी ने आरोप लगाया कि सपा के शासन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग एक जाति-विशेष सेवा आयोग में बदल गया था, जहां नौकरियां योग्यता के बजाय पक्षपात और रिश्वत के आधार पर दी जाती थीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान डबल इंजन सरकार के तहत 900,000 से अधिक सरकारी नौकरियां पारदर्शी प्रक्रिया से दी गई हैं।
SP का PDA बनाम BJP का PDA
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि 69,000 शिक्षक भर्ती मामले की कानूनी पेचीदगियां सपा सरकार की गलत नीतियों का परिणाम हैं। उन्होंने SP के PDA की नई व्याख्या करते हुए कहा कि यह केवल परिवार और विशेष वोटबैंक तक सीमित है, जबकि बीजेपी का PDA समाज के गरीब और वंचित वर्गों के लिए काम करता है।
हर गांव तक पहुंचने की चुनौती
पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव को हर गांव जाकर PDA ऑडिट करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि वहां के युवा उनसे 2012-2017 के भर्ती अभियानों के बारे में सवाल पूछेंगे। चौधरी ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश अब जातिवाद और तुष्टीकरण के दौर से आगे बढ़ चुका है।
