बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार का विपक्ष पर कड़ा हमला

बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्ष के आरोपों का कड़ा जवाब दिया, जिसमें उन्होंने एनडीए के बहुमत का जिक्र किया। हंगामे के बीच आरजेडी के विधायकों ने चौकीदारों के मुद्दे पर प्रदर्शन किया। नीतीश कुमार ने विपक्ष को उनकी पिछली सरकार की विफलताओं की याद दिलाते हुए कहा कि उनकी सरकार बिना किसी बाधा के चलेगी। इस दौरान सदन में अशांति के बाद शांति बहाल करने के प्रयास किए गए।
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बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार का विपक्ष पर कड़ा हमला

विधानसभा में तनाव का माहौल

बिहार विधानसभा में मंगलवार को तनाव बढ़ गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्षी सदस्यों द्वारा सरकार पर बंदूक और गोलियों के बल पर शासन करने के आरोपों का जवाब दिया। 76 वर्षीय नेता ने विरोध कर रहे विधायकों को फटकार लगाते हुए एनडीए के बहुमत का उल्लेख किया और कहा कि हमारी ताकत 202 है। पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू और भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 243 में से 202 सीटें जीतकर शानदार सफलता हासिल की थी।


विरोध प्रदर्शन और हंगामा

संसद की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। आरजेडी विधायक कुमार सर्वजीत ने पटना में ग्रामीण चौकीदारों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने पर आपत्ति जताई, जब वे उच्च वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सर्वजीत ने कहा कि ये चौकीदार गृह विभाग के कर्मचारी हैं और उनके साथ बुरा व्यवहार किया गया। आरजेडी के कई विधायकों ने 'बंदूक गोली की सरकार नहीं चलेगी' के नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।


नीतीश कुमार का पलटवार

इस नारे से नीतीश कुमार भड़क उठे, जिन्होंने आरजेडी के साथ अपने अतीत के गठबंधनों का जिक्र किया। उन्होंने विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि बकवास मत करो। यह सरकार बिना किसी बाधा के चलेगी। उन्होंने आरजेडी के पिछले चुनावों में खराब प्रदर्शन का भी उल्लेख किया, जब पार्टी को केवल 25 सीटें मिली थीं।


विपक्ष की आलोचना

आरजेडी नेता भाई वीरेंद्र ने नीतीश कुमार को उनके पिछले गठबंधनों की याद दिलाई, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोग हमेशा गड़बड़ी करते रहे, यही कारण है कि मैंने गठबंधन तोड़ दिया। उन्होंने विपक्ष को याद दिलाया कि जब वे सत्ता में थे, तब कानून व्यवस्था इतनी खराब थी कि लोग शाम 5 बजे के बाद घर से बाहर निकलने से डरते थे।


शांति बहाल करने की कोशिश

जब बहस गर्म हो गई, कई विपक्षी विधायक सदन के वेल में चले गए, जिससे माहौल अशांत हो गया। संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी के हस्तक्षेप के बाद ही शांति बहाल हुई। उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि चौकीदारों के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया जाएगा और उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा।