बिहार में लालू प्रसाद को खलनायक कहने पर राजद की तीखी प्रतिक्रिया

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लालू प्रसाद यादव को 'सबसे बड़ा खलनायक' कहा, जिस पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने तीखी प्रतिक्रिया दी। राजद के प्रवक्ता मनोज झा ने चौधरी के बयान को अनावश्यक बताया और कहा कि यह पिछड़े वर्गों को आहत करता है। उन्होंने सुरक्षा में कटौती के निर्णय की भी आलोचना की, यह कहते हुए कि लालू प्रसाद का परिवार सुरक्षा का अधिकार रखता है। जानें इस राजनीतिक विवाद के सभी पहलुओं के बारे में।
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बिहार में लालू प्रसाद को खलनायक कहने पर राजद की तीखी प्रतिक्रिया gyanhigyan

मुख्यमंत्री का विवादास्पद बयान

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लालू प्रसाद यादव को 'सबसे बड़ा खलनायक' करार दिया, जिस पर विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने मंगलवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी। यह टिप्पणी चौधरी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक कार्यक्रम में की थी।


उन्होंने लालू प्रसाद और उनकी पत्नी राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती के संदर्भ में कहा, 'सबसे बड़ा खलनायक, जिससे सभी डरते हैं, अब खुद डर में जी रहा है। यह इस बात का संकेत है कि बिहार में सुशासन की सरकार है।'


राजद की प्रतिक्रिया

राजद के प्रवक्ता मनोज झा ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चौधरी को 'लालू जी की पाठशाला का उत्पाद' बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होने के बाद चौधरी 'बिना जनादेश वाले मुख्यमंत्री' बन गए हैं।


झा ने कहा, 'हम सार्वजनिक मंचों पर मर्यादा का पालन करते हैं। हम खलनायकों को खलनायक नहीं कहते, लेकिन यहां सबसे बड़े 'नायक' को 'खलनायक' कहा जा रहा है।'


उन्होंने यह भी कहा कि सम्राट चौधरी ने लालू प्रसाद की 'पाठशाला' की शिक्षा को नहीं अपनाया और अब एक अलग विचारधारा वाले दल का हिस्सा बन गए हैं।


सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने मुख्यमंत्री के बयान को 'अनावश्यक और अपरिपक्व' करार दिया। उन्होंने कहा, 'लोग लालू प्रसाद को एक संघर्षशील नेता के रूप में देखते हैं, जिन्होंने कल्याणकारी राजनीति के माध्यम से लोगों के दिलों में जगह बनाई है।'


मंडल ने यह भी कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से पिछड़े वर्गों के लोग आहत हुए हैं। उन्होंने लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती के निर्णय की आलोचना की।


उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ऐसे लोगों की सुरक्षा बढ़ा दी है जो विधायक या विधान परिषद के सदस्य नहीं हैं, जबकि दो पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा घटा दी गई है।


सुरक्षा का अधिकार

मंडल ने कहा कि लालू प्रसाद का परिवार 'सुरक्षा की भीख' नहीं मांग रहा, बल्कि उनका यह अधिकार है। मनोज झा ने कहा, 'सरकार ने सैकड़ों लोगों को सुरक्षा दी है, जिनके आसपास कोई नहीं है। वहीं, जहां दो पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष रहते हैं, वहां सुरक्षा घटा दी गई है।'


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार गरीबों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा में विफलता छिपाने के लिए सुरक्षा के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है।