बिहार में नए मुख्यमंत्री की तलाश, एनडीए में मंथन जारी

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए एनडीए में विचार-विमर्श चल रहा है। उम्मीद है कि खरमास के बाद, 15 अप्रैल तक नई सरकार का गठन हो जाएगा। नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे और तब तक मुख्यमंत्री के कार्यों की जिम्मेदारी उनके पास रहेगी। एनडीए के घटक दलों की बैठकें दिल्ली और पटना में शुरू होंगी, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा होगी।
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बिहार में नए मुख्यमंत्री की तलाश, एनडीए में मंथन जारी

बिहार में नई सरकार का गठन

बिहार में नए मुख्यमंत्री की तलाश, एनडीए में मंथन जारी

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विधान परिषद से इस्तीफे के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए एनडीए में विचार-विमर्श शुरू हो गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि खरमास के बाद, यानी 15 अप्रैल तक, बिहार में नई सरकार का गठन हो जाएगा।

नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। नई सरकार के गठन तक, मुख्यमंत्री के कार्यों की जिम्मेदारी नीतीश कुमार के पास ही रहेगी।

एनडीए में विचार-विमर्श
बिहार में नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा के लिए एनडीए में मंथन चल रहा है। हाल ही में, एनडीए के घटक दल हम के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सम्राट चौधरी का नाम नए मुख्यमंत्री के लिए प्रस्तावित किया था।

लोजपा की ओर से भी इसी तरह की जानकारी सामने आई थी। नीतीश कुमार ने अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान मंच से भाजपा नेता की पीठ पर हाथ रखकर कहा था कि अब यही लोग देखेंगे।

जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री भाजपा से होगा या जदयू से, यह अभी तय नहीं है। एनडीए नेताओं की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा, इसलिए अब एनडीए के घटक दलों की बैठक दिल्ली और पटना में शुरू होगी।

जदयू ने पहले से तय किया है कि केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष इन बैठकों में शामिल होंगे। अगले एक-दो दिनों में इस मुद्दे पर विचार-विमर्श तेज होगा।

खरमास के बाद नई सरकार का गठन
एनडीए के नेताओं का कहना है कि नई सरकार का गठन खरमास खत्म होने के बाद ही होगा। खरमास 14 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे।

शपथ लेने के बाद, वह 11 अप्रैल तक मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। कार्यकारी व्यवस्था के दौरान वह बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। उनके इस्तीफे के तीन-चार दिनों के भीतर नई सरकार का गठन हो जाएगा।

जदयू से दो उपमुख्यमंत्रियों का बनना भी संभावित
इस बात की संभावना है कि भाजपा के किसी नेता के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्रियों की भी शपथ होगी। इसमें विजय चौधरी और नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के नाम चर्चा में हैं।