बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: अभिषेक बनर्जी की यात्रा से तृणमूल कांग्रेस की तैयारी
तृणमूल कांग्रेस की चुनावी तैयारी
बंगाल में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने संगठन को मजबूत करने के लिए अपनी यात्रा शुरू की है। वे 2 जनवरी को बारुईपुर, 3 जनवरी को जलपाईगुड़ी, 4 जनवरी को बीरभूम, 5 जनवरी को बिष्णुपुर, 7 जनवरी को इटाहार, 8 जनवरी को मालदा, 13 जनवरी को कूच बिहार और 15 जनवरी को कांथी का दौरा करेंगे। पार्टी के सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव अगले साल अप्रैल में होंगे, इसलिए तृणमूल कांग्रेस ने पहले से ही अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। 2021 में, तृणमूल कांग्रेस ने राज्य की 294 सीटों में से 215 पर जीत हासिल की थी। अभिषेक ने इस बार लक्ष्य को और ऊँचा रखते हुए जीत के अंतर को बढ़ाने का निर्देश दिया है।
बंगाल की गरिमा की रक्षा
तृणमूल कांग्रेस का मानना है कि बीजेपी के कारण बंगाल की गरिमा और अधिकारों को नुकसान पहुंचा है। अभिषेक बनर्जी की भूमिका इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है। वे न केवल तृणमूल सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार करेंगे, बल्कि बंगाल की राजनीतिक एकता को भी मजबूत करेंगे। उनकी पिछली नबो जोआर यात्रा ने पंचायत चुनावों से पहले समर्थन जुटाने में मदद की थी, और अब वे अपने वर्तमान अभियान को पुनरुत्थान की कहानी से जोड़ रहे हैं। अभिषेक एक ऐसे नेता के रूप में उभरने का प्रयास कर रहे हैं जो भाजपा द्वारा प्रचारित विभाजनकारी नीतियों के खिलाफ खड़ा हो।
अभिषेक बनर्जी का राजनीतिक उदय
अभिषेक बनर्जी का उदय उनके परिवारिक संबंधों के साथ-साथ उनकी व्यक्तिगत राजनीतिक पहचान से भी जुड़ा है। उन्होंने अपने शुरुआती अभियानों में एक मजबूत व्यक्तित्व विकसित किया है और अब पार्टी में एक महत्वपूर्ण स्थान बना रहे हैं। लोकसभा में तृणमूल के नेता के रूप में उनका हालिया चयन उनके प्रयासों की सफलता का संकेत है। पार्टी के आंतरिक समीकरणों को संभालने की उनकी क्षमता ने उनकी स्थिति को मजबूत किया है। 2024 के लोकसभा चुनावों में नए चेहरों को मैदान में उतारने का साहसिक निर्णय उनकी रणनीतिक कुशलता को दर्शाता है।
