पी चिदंबरम का विश्वास: डीएमके गठबंधन तमिलनाडु चुनाव में जीतेगा
चिदंबरम का चुनावी विश्वास
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने आशा व्यक्त की है कि डीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में बहुमत से जीत हासिल करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में भाजपा का कोई स्थान नहीं है। चिदंबरम ने कहा कि भाजपा के लिए दरवाजे पूरी तरह से बंद हैं और तमिलनाडु की जनता कभी भी भाजपा को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की तमिलनाडु में कोई विश्वसनीयता नहीं है, जिससे पलानीस्वामी की स्थिति भी कमजोर हो गई है।
गठबंधन की चुनावी सफलता
चिदंबरम ने गठबंधन के पिछले चुनावी रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए कहा कि डीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन पिछले चार चुनावों में सफल रहा है। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनावों में जीत, 2021 के विधानसभा चुनावों में भारी जीत और 2024 के लोकसभा चुनावों में सभी 39 सीटें जीतने का जिक्र किया। उनका विश्वास है कि इस बार भी कांग्रेस और डीएमके का गठबंधन विधानसभा चुनाव में आसानी से जीत हासिल करेगा। उनका लक्ष्य 234 में से अधिकतम सीटें जीतना है।
महिला आरक्षण पर एआईएडीएमके की आलोचना
महिला आरक्षण विधेयक पर संसद में एआईएडीएमके की आलोचना का जवाब देते हुए चिदंबरम ने इसे गलत बताया। उन्होंने कहा कि यह बयान अज्ञानता पर आधारित है और यह सरासर झूठ है। महिला आरक्षण पहले से ही संविधान में शामिल है, और 106वां संशोधन सितंबर 2023 में पारित किया गया था। उन्होंने एआईएडीएमके से अनुरोध किया कि वे इस संशोधन को पढ़ें।
राहुल गांधी का समर्थन
चिदंबरम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान का समर्थन किया जिसमें उन्होंने कहा था कि आरएसएस और भाजपा तमिलनाडु में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों से यही बात कह रहे हैं और तमिलनाडु के लोग उनकी बात सुनते हैं। चिदंबरम ने यह भी कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन इस बार भी तमिलनाडु से बाहर रखा जाएगा।
