पश्चिम बंगाल में ओवैसी और कबीर का नया राजनीतिक गठबंधन

असदुद्दीन ओवैसी ने पश्चिम बंगाल में हुमायूँ कबीर के साथ मिलकर एक नया राजनीतिक गठबंधन बनाया है। यह गठबंधन अल्पसंख्यकों के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा और आगामी चुनावों में टीएमसी और भाजपा के बीच मुकाबले को त्रिकोणीय बना सकता है। कबीर की मजबूत पकड़ वाले क्षेत्रों में यह गठबंधन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जानें इस गठबंधन की रणनीति और चुनावी प्रभाव के बारे में।
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पश्चिम बंगाल में ओवैसी और कबीर का नया राजनीतिक गठबंधन

ओवैसी का दावा: पश्चिम बंगाल में घुटन का माहौल

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को यह कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग असंतोष का अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पार्टी ने हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के साथ मिलकर एक नया विकल्प पेश करने का निर्णय लिया है।


कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ओवैसी ने कहा कि राज्य में अल्पसंख्यकों के विकास का मुद्दा अत्यंत महत्वपूर्ण है, खासकर जब अगले महीने चुनाव होने वाले हैं।


उन्होंने आगे कहा, 'एआईएमआईएम कमजोर वर्गों के शोषण को समाप्त करने के लिए हुमायूं कबीर के साथ मिलकर काम कर रही है।'


हुमायूँ कबीर: ओवैसी के नए सहयोगी

हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निलंबित हुए कबीर अब ओवैसी के साथ मिलकर ममता बनर्जी के मजबूत मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाने की योजना बना रहे हैं। मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे क्षेत्रों में कबीर की पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है, जहाँ मुस्लिम मतदाता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


गठबंधन की रणनीति यह है कि यदि वे इन क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो वे राज्य सरकार बनाने में 'किंगमेकर' की भूमिका निभा सकते हैं।


चुनाव 2026: क्या होगा त्रिकोणीय मुकाबला?

अगले महीने होने वाले चुनावों में अब तक मुख्य मुकाबला टीएमसी और भाजपा के बीच माना जा रहा था, लेकिन ओवैसी और कबीर के गठबंधन ने इसे त्रिकोणीय और अधिक रोचक बना दिया है।