पंजाब में विधानसभा चुनाव नवंबर 2026 में हो सकते हैं: केजरीवाल

पंजाब की राजनीति में एक नई हलचल देखने को मिल रही है, जहां आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा चुनाव नवंबर 2026 में होने की संभावना जताई है। उन्होंने भगवंत मान को पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किया है और नगर निकाय चुनावों में पार्टी की सफलता के लिए लोगों का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी विपक्षी दलों की एकजुटता पर टिप्पणी की और किसानों के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। इस स्थिति पर और जानकारी के लिए पढ़ें।
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पंजाब में विधानसभा चुनाव नवंबर 2026 में हो सकते हैं: केजरीवाल gyanhigyan

पंजाब की सियासत में हलचल

पंजाब की राजनीतिक स्थिति में एक बार फिर से हलचल देखने को मिल रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने यह दावा किया है कि पंजाब में विधानसभा चुनाव निर्धारित समय (फरवरी 2027) से पहले, नवंबर 2026 में हो सकते हैं। बठिंडा में आयोजित एक बड़े रोड शो के दौरान केजरीवाल ने यह जानकारी साझा की। उन्होंने आगामी चुनावों के लिए भगवंत मान को पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा भी घोषित किया।


भगवंत मान को फिर से मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प

केजरीवाल ने भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी का चेहरा बताते हुए कहा, 'हमें उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाना है।' उन्होंने बठिंडा में मुख्यमंत्री भगवंत मान, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा के साथ रोड शो को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पिछले महीने हुए नगर निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए लोगों का आभार व्यक्त किया।


नगर निगम चुनावों में जीत का जश्न

बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी के चार पार्षद बरनाला, मोगा, बटाला और बठिंडा नगर निगमों के महापौर निर्वाचित हुए। केजरीवाल ने कहा, 'मुझे बताया गया है कि चुनाव फरवरी 2027 के बजाय नवंबर 2026 में होंगे। ऐसे में अब केवल चार महीने बचे हैं। हमें अभी से काम में जुट जाना चाहिए और भगवंत मान को फिर से मुख्यमंत्री बनाना है।' उन्होंने नगर निकाय चुनावों में पार्टी की 'शानदार जीत' के लिए लोगों का आभार भी व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, 'पंजाब के लोगों को यह जानना चाहिए कि हाल में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस ने मिलकर मुकाबला किया था। इन दलों ने अपने संसाधन साझा किए और आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ एकजुट होकर अभियान चलाया।' उन्होंने कहा कि ईमानदार सरकार से ये दल घबराए हुए थे, क्योंकि उन्हें एहसास हो गया था कि यदि 'आप' की जनसेवा की यात्रा इसी तरह जारी रही, तो भ्रष्टाचार की उनकी दुकानें हमेशा के लिए बंद हो जाएंगी।


कृषि पर जोर

कृषि को पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए मान ने किसानों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार खेती-किसानी को मजबूत बनाने और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराती रहेगी।