पंजाब कांग्रेस में बढ़ते मतभेद: चन्नी और रंधावा का नेतृत्व पर सवाल

पंजाब कांग्रेस में हाल ही में हुए संगठनात्मक परिवर्तनों के बाद पार्टी के भीतर मतभेद गहरे हो गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा ने नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठाई है। अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को अध्यक्ष बनाए जाने से नाराज़ चन्नी-रंधावा गुट ने पार्टी कार्यक्रमों से दूरी बनाने का निर्णय लिया है। इस स्थिति में भूपेश बघेल की मध्यस्थता की कोशिशें भी विफल हो गई हैं। जानें इस राजनीतिक संकट की पूरी कहानी और इसके संभावित परिणाम।
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पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव के बाद की स्थिति

पंजाब कांग्रेस में हाल ही में हुए संगठनात्मक परिवर्तनों के बाद पार्टी के भीतर मतभेद और गहरे हो गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी इस बदलाव के खिलाफ प्रमुख आवाज बनकर उभरे हैं। जबकि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पार्टी का अध्यक्ष बनाए रखा गया है, इससे राज्य इकाई में असंतोष बढ़ा है। चन्नी-रंधावा गुट ने यह निर्णय लिया है कि वे पंजाब कांग्रेस के उन सभी कार्यक्रमों से दूर रहेंगे, जिनमें राजा वडिंग उपस्थित होंगे। यह कदम पार्टी के मौजूदा नेतृत्व के प्रति उनकी नाराज़गी को दर्शाता है। सूत्रों के अनुसार, चन्नी-रंधावा गुट ने अपनी चिंताओं को कांग्रेस आलाकमान तक पहुँचाने का प्रयास किया है। पूर्व मंत्री परगट सिंह, अन्य विधायकों के साथ, अपनी चिंताओं को सीधे पार्टी नेतृत्व तक पहुँचाने के लिए दिल्ली जा रहे हैं। 


भूपेश बघेल की मध्यस्थता की कोशिशें

बघेल की सुलह की कोशिश नाकाम

यह घटनाक्रम तब हुआ जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने हाल ही में चंडीगढ़ का दौरा किया। वहां उन्होंने पार्टी में हुए परिवर्तनों के बाद तनाव कम करने और आपस में लड़ रहे गुटों को एकजुट करने के लिए बैठकें की थीं।
हालांकि, चन्नी-रंधावा गुट का राज्य स्तर पर मध्यस्थता को नजरअंदाज करते हुए सीधे केंद्रीय नेतृत्व से संपर्क करने का निर्णय, विद्रोह को और बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।


सिमरनजीत सिंह बैंस का एकता का दावा

MLA बैंस ने मतभेद की बात को नकारा

लुधियाना के पूर्व MLA सिमरनजीत सिंह बैंस ने पंजाब कांग्रेस में फूट की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी का वरिष्ठ नेतृत्व एकजुट है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और कांग्रेस आलाकमान जल्द ही एक साथ नजर आएंगे, जिससे एकता का स्पष्ट संदेश जाएगा। बैंस ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मीडिया कांग्रेस को "फूट के नजरिए" से देख रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी की एकता पर सवाल उठाने का कोई कारण नहीं है।


रंधावा की ग्रुप फ़ोटो और चन्नी की प्रतिक्रिया

रंधावा ने नेताओं की ग्रुप फ़ोटो शेयर की, वारिंग नदारद

यह बात तब सामने आई जब गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक ग्रुप फ़ोटो साझा की, जिसमें राज्य इकाई के कई नेता शामिल थे। रंधावा ने इस फ़ोटो के साथ लिखा, "एकता में ही शक्ति है।" इस फ़ोटो में पंजाब कांग्रेस के कई प्रमुख नेता शामिल थे, जिनमें घोषणापत्र समिति के सह-अध्यक्ष परगट सिंह, चुनाव समिति की सह-अध्यक्ष रज़िया सुल्ताना और भरत भूषण आशु शामिल थे। इसके कुछ ही समय बाद, चन्नी ने भी वही फ़ोटो अपने एक्स अकाउंट पर उसी कैप्शन के साथ साझा की।