पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर उठे सवाल, बैठक में बघेल ने दी स्थिति स्पष्ट

पंजाब कांग्रेस के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल ने हाल ही में एक बैठक के बाद पार्टी के नेतृत्व पर स्थिति स्पष्ट की। बैठक में चन्नी और उनके समर्थकों के बीच खींचतान का खुलासा हुआ, जबकि राजा वडिंग की अनुपस्थिति ने सवाल उठाए। रंधावा ने पार्टी के भीतर की भावनाओं को साझा किया और मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया। क्या चन्नी वडिंग का नेतृत्व स्वीकार करेंगे? जानें पूरी कहानी।
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पंजाब कांग्रेस की बैठक में नेतृत्व पर चर्चा

पंजाब कांग्रेस के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल ने शनिवार को कहा कि पार्टी आलाकमान के प्रदेश अध्यक्ष से जुड़े निर्णयों पर किसी को कोई आपत्ति नहीं है। चंडीगढ़ में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राणा गुरजीत के निवास पर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद बघेल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पार्टी में सब कुछ सामान्य है और सभी नेता एकजुट हैं। हालांकि, जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी नेताओं के बयानों ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को उजागर कर दिया है।


बैठक में शामिल नेता और उनके विचार

इस बैठक में चन्नी और उनके समर्थक नेता शामिल हुए, जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग बैठक से अनुपस्थित रहे। बैठक के तुरंत बाद, भूपेश बघेल रायपुर के लिए रवाना हो गए, और राजा वडिंग ने खुद कार चलाते हुए उन्हें एयरपोर्ट तक छोड़ा। कांग्रेस ने एक जुलाई को घोषणा की थी कि राजा वडिंग पंजाब इकाई के अध्यक्ष बने रहेंगे, जबकि चन्नी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। चन्नी, जिन्हें प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया गया, इससे नाराज बताए जा रहे हैं।


सुखजिंदर सिंह रंधावा का बयान

बैठक के बाद, वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि कार्यकर्ताओं की भावनाएं प्रभारी तक पहुंचाई गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कभी-कभी पार्टी को अपने निर्णय वापस लेने पड़ते हैं। रंधावा ने संकेत दिया कि चन्नी खेमे को राजा वडिंग का नेतृत्व स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के शासन में फैले भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस को एक मजबूत नेता की आवश्यकता है।


राजा वडिंग का जवाब

रंधावा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग ने कहा कि वह और रंधावा लंबे समय से एक साथ काम कर रहे हैं। वडिंग ने कहा कि पंजाब कांग्रेस में कोई 'स्लीपर सेल' या समझौता करने वाला नेता नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कई नेताओं पर दूसरी पार्टियों के साथ गुप्त बैठकें करने के आरोप लगते रहे हैं। भूपेश बघेल ने भी इस बात पर सहमति जताई कि यदि कोई नेता भाजपा, आप या किसी अन्य दल के साथ समझौता करता है, तो वह इसे स्वीकार नहीं करेंगे।


चन्नी का नेतृत्व पर सवाल

बैठक में चन्नी के अलावा सुखजिंदर सिंह रंधावा, भारत भूषण आशु, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व उपमुख्यमंत्री ओ.पी. सिंह भी उपस्थित थे। जब चन्नी से पूछा गया कि क्या उन्हें वडिंग का नेतृत्व स्वीकार है, तो उन्होंने कहा कि सभी मुद्दों पर बैठक में चर्चा होगी। भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया कि बैठक में राजा वडिंग को हटाने या चन्नी को आगामी चुनाव के लिए मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने पर कोई चर्चा नहीं हुई। उनका मुख्य उद्देश्य राज्य में कांग्रेस की सरकार बनाना है।