नीलेश राणे ने संजय राउत के आरोपों को किया खारिज, मांगा सबूत

शिवसेना विधायक नीलेश नारायण राणे ने सांसद संजय राउत के आरोपों को खारिज करते हुए सबूत मांगें हैं। राणे ने राउत की बातों को गंभीरता से न लेने की सलाह दी और उन्हें 'गटर-छाप' व्यक्ति बताया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब राउत ने आरोप लगाया कि कुछ बागी सांसदों ने पैसे लेकर पार्टी की विचारधारा के खिलाफ कदम उठाया। जानें इस राजनीतिक उथल-पुथल के पीछे की सच्चाई और शिवसेना के भीतर चल रही खींचतान के बारे में।
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नीलेश राणे ने संजय राउत के आरोपों को किया खारिज, मांगा सबूत gyanhigyan

शिवसेना में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल

शिवसेना के विधायक नीलेश नारायण राणे ने सांसद संजय राउत द्वारा लगाए गए आरोपों को नकार दिया है। राउत ने कहा था कि छह सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में शामिल होने के पीछे पैसे का लेन-देन हुआ है। राणे ने मीडिया से बातचीत में राउत को चुनौती दी कि वे अपने दावों का प्रमाण पेश करें और कहा कि राउत की बातों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या राउत के पास कोई ठोस सबूत है और क्या वे हवाला में शामिल थे। राणे ने राउत को 'गटर-छाप' व्यक्ति बताया।




यह टिप्पणी राउत के आरोपों के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर सहित कई बागी सांसदों ने शिवसेना की विचारधारा के खिलाफ जाकर पैसे लिए हैं। राउत ने इस विभाजन को महाराष्ट्र को बांटने वाला बताया। इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने इन सांसदों के नामों का खुलासा किया: संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकर।




शिंदे ने कहा कि हमारे साथ यहाँ तीन संजय हैं, जिसमें एक संजय राठौड़ भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जब हमारे पास यहाँ संजय हैं, तो किसी और संजय का जिक्र करने की आवश्यकता नहीं है। उद्धव ठाकरे के गुट ने पार्टी छोड़ने वाले विधायकों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पार्टी की विचारधारा और मतदाताओं के जनादेश के साथ धोखा किया है। वहीं, शिंदे गुट के नेताओं ने इसे बालासाहेब ठाकरे की पार्टी में 'असली शिव सैनिकों' की वापसी बताया।