निर्मला सीतारमण ने ममता बनर्जी के परिसीमन पर बयान का किया खंडन
सीतारमण का ममता बनर्जी पर पलटवार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया है कि परिसीमन आयोग सभी राजनीतिक दलों से बातचीत करेगा और इंडिया ब्लॉक के दलों की चिंताओं का समाधान करेगा। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान की आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि परिसीमन से राज्य का विभाजन होगा। सीतारमण ने यह सवाल उठाया कि क्या बनर्जी महिला आरक्षण का विरोध कर रही हैं, और क्या उनका मतलब यह है कि महिलाओं को और अधिक समय तक इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि बनर्जी को स्पष्ट रूप से अपनी स्थिति बतानी चाहिए और चुनौती दी कि क्या वह महिलाओं के आरक्षण को रोकने की कोशिश कर रही हैं और बंगाल के लोगों में भय पैदा कर रही हैं?
सीतारमण का लोकसभा सीटों की संख्या पर बयान
सीतारमण ने लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने के प्रस्ताव पर कहा कि यह एक अधिकतम सीमा है। उन्होंने बताया कि हर राज्य के लिए एक परिसीमन समिति बनाई जाएगी, जो सभी दलों से चर्चा करेगी और उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने ममता बनर्जी से सवाल किया कि उन्हें डर क्यों है, जबकि उन्हें चुनाव आयोग, संसद और सभी पारित कानूनों से डर लगता है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में धन होने के बावजूद वह उसका उपयोग नहीं कर रही हैं।
ममता बनर्जी का आरोप
12 अप्रैल को ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि वह चुनाव के दौरान बिना किसी परामर्श के परिसीमन प्रक्रिया शुरू कर रही है। केशियारी में एक चुनावी रैली में उन्होंने कहा कि चुनाव चल रहे हैं और इसी बीच परिसीमन विधेयक संसद में लाया जा रहा है, जिस पर कोई बहस नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि इसका उद्देश्य बंगाल को विभाजित करके राष्ट्रीय राजस्व गणना (एनआरसी) लागू करना है। उन्होंने दोहराया कि भाजपा जल्द ही सत्ता से बाहर हो जाएगी।
