नितिन गडकरी ने कांग्रेस पर सीमा वार्ता में अवसरों को कमजोर करने का आरोप लगाया
गडकरी का कांग्रेस पर हमला
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने भारत के पड़ोसी देशों के साथ सीमा वार्ता में महत्वपूर्ण अवसरों को कमजोर किया है। उन्होंने तिब्बत और कश्मीर पर पूर्व सरकार के निर्णयों पर भी सवाल उठाए। गडकरी ने एक पोस्ट में कांग्रेस पर अपारदर्शी राजनीतिक चंदा प्राप्त करने और सत्ता तथा विशेषाधिकार के बीच की सीमाओं को धुंधला करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कांग्रेस का दशकों पुराना रिकॉर्ड गंभीर चिंताओं को जन्म देता है।
गडकरी ने कहा कि बार-बार रणनीतिक अवसरों को कमजोर किया गया है, चाहे वह वैश्विक स्थिति हो, सीमा वार्ता हो या युद्ध के बाद का प्रभाव। तिब्बत, कश्मीर और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को केवल अलग-थलग फैसले कहकर खारिज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार होने वाले खरीद विवाद, अपारदर्शी राजनीतिक चंदे की चिंताएं और सत्ता और विशेषाधिकार के बीच की धुंधली रेखा को भी ध्यान में रखना चाहिए। जब राष्ट्रीय सीमाएं बातचीत के दायरे में आती हैं, तो संस्थाएं कमजोर होती हैं और जनता का विश्वास घटता है। इतिहास को ईमानदारी से देखना आवश्यक है, न कि चुनिंदा यादों के आधार पर।
यह बयान राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किए गए हमलों के जवाब में भाजपा नेताओं द्वारा कांग्रेस पर किए गए आरोपों के संदर्भ में आया है। राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर प्रधानमंत्री पर "समझौते" का आरोप लगाया था।
पीयूष गोयल का बयान
आज सुबह केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि गांधी परिवार पूरी तरह से समझौतावादी राजनीतिक परिवार है और कांग्रेस एक समझौतावादी दल है। भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोयल ने पूर्व प्रधानमंत्रियों राजीव गांधी, इंदिरा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के कुछ निर्णयों की आलोचना की।
गोयल ने कांग्रेस पर "भ्रष्टाचार" का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी का मतलब समझौता है। एआई शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के शर्टलेस विरोध को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रही खींचतान के बीच गोयल ने राहुल गांधी को नकारात्मक राजनीति का प्रतीक बताया।
