तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: एआईएडीएमके का एनडीए की जीत पर विश्वास
तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में एआईएडीएमके के प्रवक्ता कोवई सत्यन ने एनडीए की जीत का विश्वास जताया है, जबकि डीएमके के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अपनी पार्टी की जीत का दावा किया है। दोनों दलों के बीच तीखी राजनीतिक बहस चल रही है, जिसमें अल्पसंख्यक अधिकारों और तीन-भाषा नीति जैसे मुद्दों पर आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं। जानें इस चुनावी माहौल में क्या हो रहा है और किसकी जीत की संभावना अधिक है।
| Apr 6, 2026, 15:23 IST
एआईएडीएमके का आत्मविश्वास
एआईएडीएमके के प्रवक्ता कोवई सत्यन ने सोमवार को आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में एनडीए की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि गठबंधन 234 में से 210 सीटें जीतने की उम्मीद कर रहा है और एडप्पाडी के पलानीस्वामी (ईपीएस) अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। कोवई सत्यन ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि सत्तारूढ़ डीएमके को जनता का समर्थन नहीं मिल रहा है और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का काफिला खाली सड़कों से गुजरता है। उन्होंने कहा कि जनता ने स्टालिन की पार्टी के विधायकों को खदेड़ दिया है। उनका काफिला भी खाली सड़कों पर चल रहा है, उन्हें अपने ख्यालों से बाहर आने की जरूरत है। एक महीने के भीतर, ईपीएस तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनेंगे और हम 234 में से 210 सीटें जीतकर सरकार बनाएंगे।
डीएमके का दावा
यह बयान उस समय आया जब एमके स्टालिन ने कहा था कि डीएमके के नेतृत्व वाला धर्मनिरपेक्ष प्रगति गठबंधन सभी 234 सीटों पर जीत हासिल करेगा। रविवार को पत्रकारों से बातचीत में स्टालिन ने तीन-भाषा नीति की आलोचना की और कहा कि डीएमके इसे राज्य में लागू नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि जब तक डीएमके सत्ता में है, हम तमिलनाडु में तीन-भाषा नीति को लागू नहीं होने देंगे। उनकी जीत की संभावनाएं बहुत अच्छी हैं।
भाजपा पर आरोप
स्टालिन ने एक पोस्ट में अल्पसंख्यक अधिकारों, संघीय निधि आवंटन और नई त्रिभाषा नीति पर भाजपा की कड़ी आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा के मंत्री इन मुद्दों का जवाब देंगे और क्या वे तमिलनाडु में त्रिभाषा नीति लागू करने का प्रचार करेंगे? उन्होंने यह भी पूछा कि तमिलनाडु को कितनी निधि आवंटित की गई है और भाजपा शासित राज्यों को कितनी निधि दी गई है।
एफसीआरए विधेयक पर स्टालिन की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन (एफसीआरए) विधेयक, 2026 की भी निंदा की, जिसे उन्होंने अल्पसंख्यक समुदायों, विशेषकर ईसाई संस्थानों के खिलाफ बताया। उन्होंने पूछा कि क्या इस विधेयक को वापस लिया जाएगा या इसे अगले सप्ताह पारित किया जाएगा? स्टालिन ने पलानीस्वामी की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि क्या पलानीस्वामी को इन सवालों के जवाब उनके दिल्ली स्थित आकाओं से मिलेंगे? उन्होंने कहा कि चाहे कितने ही लोग दिल्ली से आकर तमिलनाडु को बांटने की कोशिश करें, तमिलनाडु झुकने वाला नहीं है।
