झारखंड राज्यसभा चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन का समझौता
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर जेएमएम और कांग्रेस के बीच गतिरोध समाप्त हो गया है। दोनों दलों ने एक-एक सीट पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। आज रात होने वाली डिनर मीटिंग में इस समझौते का आधिकारिक ऐलान किया जा सकता है। जेएमएम ने बैद्यनाथ राम को और कांग्रेस ने प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया है। जानें इस चुनाव में कौन-कौन से उम्मीदवार हैं और झारखंड विधानसभा का गणित क्या कहता है।
| Jun 7, 2026, 18:45 IST
राज्यसभा चुनाव में गतिरोध का अंत
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और कांग्रेस के बीच चल रहा गतिरोध अब समाप्त हो गया है। दोनों दलों ने आपसी सहमति से एक-एक सीट पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। इस पर अंतिम मुहर सहयोगियों के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में लगी। राज्यसभा की सीटों के लिए मतदान 18 जून को होगा।
समझौते की पृष्ठभूमि
पहले, दोनों दलों के बीच स्थिति जटिल थी। जेएमएम ने संकेत दिए थे कि वह दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी और एक नाम की घोषणा भी की थी। वहीं, कांग्रेस ने भी एक सीट पर अपना दावा पेश करते हुए प्रत्याशी घोषित किया था। सूत्रों के अनुसार, यह मामला झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस के पर्यवेक्षक भूपेश बघेल व अजय शर्मा के बीच नाश्ते पर हुई बैठक में सुलझा लिया गया।
डिनर मीटिंग में संभावित घोषणा
आज डिनर मीटिंग में हो सकता है बड़ा ऐलान
वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, आज रात को होने वाली डिनर मीटिंग में इस समझौते का आधिकारिक और संयुक्त ऐलान किया जा सकता है। इस बैठक में 'इंडिया' गठबंधन के सभी 56 विधायकों को आमंत्रित किया गया है।
भूपेश बघेल का विश्वास
पर्यवेक्षक भूपेश बघेल ने दोनों सीटों पर गठबंधन की जीत का पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा, "हम यहाँ दोनों सीटें जीतने जा रहे हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन के दोनों उम्मीदवार सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।"
उम्मीदवारों की घोषणा
जानिए किसे मिला है टिकट?
जेएमएम ने पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में अपना पर्चा दाखिल करेंगे। कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ पदाधिकारी प्रणव झा को मैदान में उतारा है, जो वर्तमान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कम्युनिकेशन इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं।
बीजेपी की स्थिति
मुख्य विपक्षी दल बीजेपी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह एक सीट पर अपना उम्मीदवार उतारेगी, हालांकि उसने अभी तक नाम का एलान नहीं किया है।
सीटों के खाली होने का कारण
क्यों खाली हुई हैं ये दोनों सीटें?
झारखंड की इन दो राज्यसभा सीटों में से एक सीट जेएमएम के सह-संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई थी। दूसरी सीट बीजेपी सांसद दीपक प्रकाश का 6 साल का कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने के कारण खाली हो रही है।
उम्मीदवारों की स्थिति
विधानसभा के निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अब तक जेएमएम के बैद्यनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा, आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी और बीजेपी नेता गौरव वल्लभ समेत 5 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र खरीदे हैं। यदि नाथवानी और वल्लभ दोनों चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो झारखंड का यह मुकाबला बेहद दिलचस्प हो जाएगा।
झारखंड विधानसभा का गणित
क्या कहता है झारखंड विधानसभा का गणित?
झारखंड विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या के अनुसार, 'इंडिया' गठबंधन इस समय मजबूत स्थिति में है। 'इंडिया' गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, जिसमें जेएमएम के 34, कांग्रेस के 16, आरजेडी के 4 और भाकपा (माले) के 2 विधायक शामिल हैं।
एनडीए का आंकड़ा
एनडीए गठबंधन के पास कुल 24 विधायक हैं, जिसमें बीजेपी के 21 और लोजपा (रामविलास), आजसू व जदयू के 1-1 विधायक शामिल हैं। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के पास भी 1 विधायक है।
