खरगे का मोदी पर विवादास्पद बयान: स्पष्टीकरण और प्रतिक्रिया
खरगे का स्पष्टीकरण
कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में अपनी हाल की टिप्पणी को लेकर उठे विवाद पर बुधवार को स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने चेन्नई में अपने बयान पर पहले ही सफाई दी है। कर्नाटक के बीदर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए खरगे ने बताया कि उन्होंने अपने बयान को स्पष्ट किया था। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन, तमिलनाडु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, उन्होंने प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहा था। इस पर व्यापक आलोचना के बाद, खरगे ने स्पष्ट किया कि उनका इरादा यह बताना था कि मोदी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके अपने विरोधियों को डराते हैं।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा के नेताओं ने खरगे की टिप्पणी की कड़ी निंदा की और चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई, साथ ही माफी की मांग की। मंगलवार को कलबुर्गी में, खरगे ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को आतंकवादी नहीं कहा, बल्कि मोदी सरकार द्वारा राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री राजनेताओं और उम्मीदवारों को डराने का काम कर रहे हैं।
खरगे का बयान
खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लोगों को डरा रहे हैं और छापों के जरिए उन्हें चुप कराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चेन्नई में उन्होंने यही बात कही थी। इससे पहले, चुनाव प्रचार के अंतिम दिन, खरगे ने एआईएडीएमके की भाजपा को समर्थन देने के लिए आलोचना की और मोदी को समानता में विश्वास न करने वाला आतंकवादी बताया। यह सब महिला आरक्षण विधेयक से जुड़े परिसीमन विधेयक की हार के दौरान विपक्षी एकता पर चर्चा के बीच हुआ।
स्पष्टता का प्रयास
आलोचना के बाद, खरगे ने फिर से स्पष्ट किया कि उनका इरादा मोदी को आतंकवादी कहने का नहीं था, बल्कि उन्हें राजनीतिक विरोधियों को डराने वाला व्यक्ति बताने का था। उन्होंने कहा कि मोदी हमेशा धमकी देते हैं और ईडी, आयकर और सीबीआई जैसी संस्थाएं उनके नियंत्रण में हैं।
