खरगे का मोदी पर तीखा हमला: विदेश नीति और ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल
खरगे का आरोप
कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मध्य पूर्व संकट के प्रति उनकी प्रतिक्रिया को लेकर कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे भारत के राष्ट्रीय और रणनीतिक हितों का गंभीर उल्लंघन करार दिया और आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने देश की विदेश नीति को आत्मसमर्पण कर दिया है। खरगे ने एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट में पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति और वहां फंसे भारतीय नागरिकों की समस्याओं पर कई सवाल उठाए।
ईरानी जहाज पर हमला
खरगे ने बताया कि भारत में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा 2026 से लौटते समय एक ईरानी जहाज हिंद महासागर में टॉरपीडो से क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने कहा कि इस घटना पर कोई चिंता या संवेदना नहीं दिखाई गई और प्रधानमंत्री मोदी इस पर चुप हैं।
सरकार की नीतियों पर सवाल
खरगे ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब आप महासागर नीति और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के 'शुद्ध सुरक्षा प्रदाता' होने की बात करते हैं, तो आप अपने ही क्षेत्र में हो रही घटनाओं पर प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रहे हैं? उन्होंने होर्मुज की खाड़ी में फंसे भारतीय नौसैनिकों के संकट पर भी ध्यान दिलाया।
ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता
उन्होंने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक प्रभावों पर भी चिंता जताई। खरगे ने पूछा कि जब कच्चे तेल का भंडार केवल 25 दिनों का बचा है, तो सरकार की ऊर्जा आपातकालीन योजना क्या है, खासकर जब भारत ने रूसी तेल के आयात पर रोक लगाने की मांग को स्वीकार कर लिया है?
