केरल में कांग्रेस का बहुमत, मुख्यमंत्री पद की दौड़ तेज
केरल में कांग्रेस का नया अध्याय
कांग्रेस के नेतृत्व में एलडीएफ ने केरल में एक दशक के बाद बहुमत प्राप्त किया है और अब सरकार गठन की प्रक्रिया में है। सभी की नजरें इस बात पर हैं कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, कई संभावित नामों पर चर्चा चल रही है, जिनमें केरल कांग्रेस के नेता वी डी सतीशान और कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल शामिल हैं। भाजपा की केरल इकाई द्वारा साझा की गई सूची से यह संकेत मिलता है कि पार्टी ने अपने उम्मीदवार का चयन कर लिया है।
भाजपा का आरोप और कांग्रेस की स्थिति
एक तस्वीर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक के दौरान एआईसीसी पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक के पास एक दस्तावेज देखा गया है। यह तस्वीर भाजपा के आधिकारिक पेज पर साझा की गई है। भाजपा ने इस तस्वीर के साथ लिखा कि मतदान की स्याही अभी सूखी नहीं हुई है और कांग्रेस की 'लालच की संस्कृति' राज्य को प्रभावित कर रही है। इस बीच, कांग्रेस के नेता पोस्टर युद्ध में व्यस्त हैं और विधायकों की सूचियां लीक कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नामों की चर्चा
भाजपा ने यह भी कहा कि जो पार्टी बिना विरोध प्रदर्शन के मुख्यमंत्री का चुनाव नहीं कर सकती, वह राज्य का नेतृत्व करने के लिए योग्य नहीं हो सकती। लीक हुई सूची में संदीप वारियर, सजीव जोसेफ, टी ओ मोहनन, सनी जोसेफ, उषा विजयन और टी सिद्दीकी के नाम शामिल हैं, जिनके नाम के अंत में 'केसी' लिखा गया है, जो के सी वेणुगोपाल के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। आई सी बालकृष्णन के नाम के आगे 'केसी+आरसी' लिखा गया है, जिसमें आरसी का मतलब वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला से है, जो इस पद के लिए एक अन्य दावेदार हैं।
नीलकंदन की शिकायत
उडुमा विधायक नीलकंदन ने कहा कि उन्होंने एआईसीसी पर्यवेक्षकों मुकुल वासनिक और अजय माकन को अपनी प्राथमिकता बताई थी, लेकिन सूची में उनके नाम के आगे कोई स्थान नहीं छोड़ा गया। उन्होंने इस मामले में शिकायत दर्ज करने के लिए एआईसीसी नेताओं को ईमेल भेजा है।
