कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रद्युत बरदोलोई के आरोपों को किया खारिज
इमरान मसूद का बयान
कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद ने नागांव के सांसद प्रद्युत बरदोलोई द्वारा लगाए गए आरोपों को नकारते हुए कहा है कि इसमें कोई धार्मिक विवाद नहीं है। उन्होंने बरदोलोई के दावों को उनके व्यक्तिगत एजेंडे से प्रेरित बताया। मसूद, जो सहारनपुर का प्रतिनिधित्व करते हैं और असम चुनावों के लिए कांग्रेस की चयन समिति के सदस्य हैं, ने कहा कि उनके खिलाफ कोई व्यक्तिगत द्वेष नहीं है, बल्कि यह केवल बरदोलोई का निजी मुद्दा है। उन्होंने यह भी कहा कि असम में कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं और पार्टी को सही जानकारी दी है।
प्रियंका गांधी की मुलाकात
मसूद ने यह भी बताया कि प्रियंका गांधी ने प्रद्युत बरदोलोई सहित अन्य नेताओं से मुलाकात की थी, लेकिन पार्टी छोड़ने का निर्णय बरदोलोई का अपना था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अधिकांश नेता हिंदू हैं और बरदोलोई के जाने से पार्टी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। मसूद ने यह स्पष्ट किया कि यह मामला हिंदू-मुस्लिम का नहीं है, बल्कि केवल बरदोलोई का व्यक्तिगत एजेंडा है।
बरदोलोई का कांग्रेस छोड़ने का कारण
हाल ही में भाजपा में शामिल हुए बरदोलोई ने कांग्रेस छोड़ने का कारण पार्टी में लगातार अपमान और नेतृत्व से समर्थन की कमी बताई। उन्होंने एक बैठक का उल्लेख किया, जहां मसूद ने उनके द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया था। बरदोलोई ने कहा कि वह घुटन महसूस कर रहे थे और उनका अपमान किया जा रहा था।
सांप्रदायिकता का आरोप
बरदोलोई ने यह भी कहा कि इमरान मसूद ने उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए सबूतों को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने मसूद ने यह कहने की हिम्मत की कि बरदोलोई के आरोप मनगढ़ंत हैं, जिससे उन्हें बहुत दुख हुआ।
