कांग्रेस पार्टी को 24 अकबर रोड से बेदखली का नोटिस, कानूनी विकल्प तलाशने की तैयारी

कांग्रेस पार्टी को उसके ऐतिहासिक मुख्यालय 24 अकबर रोड से बेदखली का नोटिस मिला है, जिसे केंद्रीय संपदा विभाग ने जारी किया है। पार्टी को 28 मार्च 2026 तक परिसर खाली करने का आदेश दिया गया है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित और गैर-कानूनी बताया है और कानूनी विकल्प तलाशने की तैयारी कर रही है। इस घटना का राजनीतिक महत्व है और यह आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट तक जा सकती है। जानें इस मुद्दे पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया और आगे की संभावनाएं।
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कांग्रेस पार्टी को 24 अकबर रोड से बेदखली का नोटिस, कानूनी विकल्प तलाशने की तैयारी

कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका


कांग्रेस पार्टी को उसके ऐतिहासिक मुख्यालय 24 अकबर रोड से बेदखली का एक महत्वपूर्ण झटका लगा है। केंद्रीय संपदा विभाग ने पार्टी और भारतीय युवा कांग्रेस को 28 मार्च 2026 (शनिवार) तक दोनों परिसरों को खाली करने का अंतिम नोटिस जारी किया है।


नोटिस का कारण

यह नोटिस हाल ही में जारी किया गया था, और कांग्रेस के सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है। 24 अकबर रोड, जो 1978 से कांग्रेस का राष्ट्रीय मुख्यालय रहा है, अब ताले की तैयारी में है। युवा कांग्रेस का कार्यालय 5 रायसीना रोड पर स्थित है।


कांग्रेस ने जनवरी 2025 में अपना नया मुख्यालय इंदिरा भवन (9A, कोटला मार्ग) में स्थानांतरित कर लिया था, लेकिन पुराना परिसर अभी तक खाली नहीं किया गया था। एस्टेट विभाग का कहना है कि यह अंतिम नोटिस है और खाली करना अनिवार्य है।


कांग्रेस की प्रतिक्रिया

कांग्रेस ने इस नोटिस को “राजनीतिक रूप से प्रेरित और गैर-कानूनी” करार दिया है। वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पार्टी कानूनी विकल्पों की तलाश कर रही है और कोर्ट में रोक की याचिका दायर करने की योजना बना रही है।


कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि यह लुटियंस दिल्ली में पार्टी की उपस्थिति को समाप्त करने का प्रयास है। पार्टी नेता पवन खेड़ा और अन्य ने इस कदम की आलोचना की है।


24 अकबर रोड का महत्व


  • 1978 से कांग्रेस का मुख्यालय रहा यह बंगला पार्टी के उतार-चढ़ाव का गवाह रहा है।

  • इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी जैसे नेताओं ने कई महत्वपूर्ण निर्णय यहीं से लिए।

  • यह लुटियंस दिल्ली का एक प्रमुख प्रतीक रहा है, जहां से कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति संचालित होती थी।


नया पता इंदिरा भवन, 9A कोटला मार्ग है, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस है, लेकिन पुराने पते का भावनात्मक और ऐतिहासिक महत्व पार्टी के लिए बहुत बड़ा है।


आगे की स्थिति


  • 28 मार्च तक अगर कांग्रेस ऑफिस खाली नहीं करती, तो एस्टेट विभाग जबरन बेदखली की कार्रवाई कर सकता है।

  • कांग्रेस कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। कई नेता इसे “विपक्ष को दबाने की साजिश” बता रहे हैं।

  • राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह कदम कांग्रेस को और कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।


यह घटना राजनीतिक रूप से संवेदनशील है और आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट तक जा सकती है। कांग्रेस के पुराने मुख्यालय पर ताला लगना या नहीं, यह अब कानूनी लड़ाई पर निर्भर करेगा।


नोट

कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि पार्टी मोहलत मांग सकती है या कानूनी रास्ता अपनाएगी।


अगर आपको इस खबर पर कांग्रेस या भाजपा के किसी नेता की प्रतिक्रिया, कोर्ट अपडेट या और विस्तार चाहिए तो बताएं। यह मुद्दा आज पूरे राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।