कांग्रेस नेता शशि थरूर ने परिसीमन पर उठाए सवाल, महिला आरक्षण को बताया राजनीतिक चाल
शशि थरूर का आरोप
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया का उपयोग उन क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कर रही है, जहां सत्ताधारी पार्टी का प्रभाव अधिक है। थरूर ने इसे महिला आरक्षण के नाम पर राजनीतिक विमुद्रीकरण का एक तरीका बताया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में राजनीतिक संतुलन को बदलना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की योजना है कि सत्ताधारी दल के प्रभावशाली क्षेत्रों में सीटों की संख्या बढ़ाई जाए। थरूर ने इसे राजनीतिक नोटबंदी की संज्ञा दी।
प्रतिनिधित्व में कमी का खतरा
थरूर ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया के चलते उन क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा, जहां सत्ताधारी दल का समर्थन कमजोर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उन हिस्सों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, जहां उनकी स्थिति कमजोर है, और उन क्षेत्रों को मजबूत करने का प्रयास कर रही है, जहां उनका प्रभाव अधिक है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार का असली उद्देश्य महिला सशक्तिकरण है, तो उसे तुरंत महिला आरक्षण लागू करना चाहिए। थरूर ने कहा कि अगर यह सच में नारी शक्ति के बारे में है, तो आज ही नारी शक्ति विधेयक पारित किया जाना चाहिए।
परिसीमन पर व्यापक परामर्श की आवश्यकता
थरूर ने परिसीमन प्रक्रिया में व्यापक परामर्श की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें जनसंख्या वृद्धि दर और आर्थिक योगदान में भिन्नता वाले राज्यों के दृष्टिकोण को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों के दृष्टिकोण का गहन विश्लेषण होना चाहिए।
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने परिसीमन को महिला आरक्षण से जोड़ने का विरोध किया, जबकि उन्होंने आरक्षण के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी दलों ने सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया है कि वे महिला आरक्षण के पक्षधर हैं।
लोकसभा में विधेयकों की पेशकश
गुरुवार को, विपक्ष द्वारा ध्वनि मत के बजाय विभाजन की मांग के बाद, परिसीमन विधेयक, 2026, संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 को लोकसभा में पेश किया गया। विभाजन के परिणामस्वरूप 333 मतों में से 251 मत पक्ष में और 185 मत विपक्ष में पड़े, जिससे तीनों विधेयकों को पेश करने की अनुमति मिल गई।
