कर्नाटक मंत्रिमंडल का विस्तार: 19 नए मंत्रियों की नियुक्ति

कर्नाटक मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार सोमवार को हुआ, जिसमें 19 नए मंत्रियों को शामिल किया गया। इस बार मंत्रिमंडल में कोई महिला नहीं है। नए मंत्रियों में कई नए चेहरे हैं, जबकि कुछ पूर्व मंत्री भी शामिल हैं। भाजपा ने इस विस्तार पर कांग्रेस सरकार की आलोचना की है, विशेषकर महिलाओं की अनुपस्थिति को लेकर। विधानसभा में नए कार्यवाहक अध्यक्ष की नियुक्ति भी की गई है। जानें विस्तार की सभी महत्वपूर्ण बातें।
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कर्नाटक मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार

बेंगलुरु, 3 अगस्त: कर्नाटक के मंत्रिमंडल का लंबे समय से प्रतीक्षित विस्तार सोमवार को संपन्न हुआ, जिसमें 19 नए मंत्रियों को शामिल किया गया। इस बार भी मंत्रिमंडल में कोई महिला सदस्य नहीं है। इनमें से सात मंत्री पहले से सिद्धरमैया के मंत्रिमंडल का हिस्सा थे, जबकि अन्य सात को पहली बार मंत्री बनाया गया है।


नए मंत्रियों की सूची

पहली बार मंत्री बनने वाले नेताओं में के. एस. बसवंतप्पा (मायकोंडा), टी. रघुमूर्ति (चल्लकेरे), रिजवान अरशद (शिवाजीनगर), अजय सिंह (जेवरगी), के. एम. शिवलिंगे गौड़ा (अरसीकेरे), एच. सी. बालकृष्ण (मगडी) और विजयानंद काशप्पनावर (बागलकोट) शामिल हैं। सिद्धारमैया के पूर्व मंत्रियों में शिवराज तंगडगी (कनकगिरी), बी. नागेंद्र (बेल्लारी ग्रामीण), बी. जेड. जहीर अहमद खान (चामराजपेट), संतोष लाड (कलघटगी) और एन. चलुवराया स्वामी (नागमंगला) शामिल हैं।


महिलाओं की अनुपस्थिति

राज्य मंत्रिमंडल में इस समय एक भी महिला मंत्री नहीं है। गायत्री शांतिगौड़ा का नाम अंतिम समय में हटा दिया गया, जबकि उनका नाम कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा स्वीकृत सूची में था। 28 मई को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के इस्तीफे के बाद, शिवकुमार ने 3 जून को 13 मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।


मंत्रिमंडल की संरचना

कर्नाटक मंत्रिमंडल में कुल 34 पद स्वीकृत हैं। हालिया विस्तार के बाद अब केवल एक पद खाली है। नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद लिंगायत और अनुसूचित जाति समुदाय का सबसे अधिक प्रतिनिधित्व है, जिसमें प्रत्येक के सात मंत्री हैं।


क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व

वोक्कालिगा समुदाय के पांच, मुस्लिम और अनुसूचित जनजाति समुदाय के तीन-तीन, कुरुबा समुदाय के दो तथा एडीगा, मराठा, राजपूत, रेड्डी, ईसाई और उप्पार समुदाय के एक-एक मंत्री हैं। क्षेत्रीय दृष्टिकोण से, बेंगलुरु से छह मंत्री हैं, जबकि कलबुर्गी से तीन मंत्री बनाए गए हैं।


विधानसभा में नए अध्यक्ष की नियुक्ति

इस बीच, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक टी. बी. जयचंद्र को विधानसभा का कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया है। जयचंद्र तब तक इस पद पर रहेंगे जब तक स्थायी अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो जाता। विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों के पद फिलहाल खाली हैं।


भाजपा की आलोचना

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बी. नागेंद्र को मंत्री बनाए जाने पर कांग्रेस सरकार की आलोचना की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि वाल्मीकि निगम घोटाले में कथित संलिप्तता के बावजूद उन्हें मंत्री बनाया गया है। भाजपा ने नए मंत्रिमंडल में किसी भी महिला को शामिल नहीं करने पर भी कांग्रेस पर निशाना साधा।


नेता प्रतिपक्ष का बयान

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस सरकार पर हमला करते हुए कहा कि वाल्मीकि विकास निगम घोटाले में 187 करोड़ रुपये की कथित लूट के बावजूद किसी को भी जवाबदेह नहीं ठहराया गया है।