एकनाथ शिंदे ने विपक्ष के मानसिक संतुलन पर उठाए सवाल

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में विपक्ष की स्थिति पर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्य 'जोर का झटका' लगने के कारण अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। शिंदे ने यह भी कहा कि सदन में उपस्थित रहना और सवालों का उत्तर देना सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है। विपक्ष ने कुछ मंत्रियों को विभागों की जिम्मेदारी सौंपने पर आपत्ति जताई, जिसके बाद शिंदे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में और क्या कहा शिंदे ने।
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एकनाथ शिंदे ने विपक्ष के मानसिक संतुलन पर उठाए सवाल gyanhigyan

विधानसभा में विपक्ष की फूट पर शिंदे की प्रतिक्रिया

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (उबाठा) के लोकसभा सांसदों के टूटने के बाद विधानसभा में विपक्ष की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विपक्षी सदस्य 'जोर का झटका' लगने के कारण अपना 'मानसिक संतुलन' खो चुके हैं और उन्हें आगे और भी झटके लगने की संभावना है।


विधानसभा में आदित्य ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) और अन्य विपक्षी दलों के विधायकों ने मंत्रियों द्वारा दूसरे विभागों से संबंधित सवालों के उत्तर देने पर आपत्ति जताई, जिसके बाद शिंदे ने यह तीखी प्रतिक्रिया दी।


विपक्ष की आपत्ति और शिंदे की प्रतिक्रिया

विपक्ष ने मॉनसून सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर द्वारा कुछ विभागों की जिम्मेदारी कुछ मंत्रियों को सौंपने पर आपत्ति जताई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के जयंत पाटिल ने विधानसभा अध्यक्ष से निर्णय वापस लेने की मांग की, जबकि आदित्य ठाकरे ने कहा कि सदन में उठाए गए मुद्दों का उत्तर केवल संबंधित विभाग के राज्य मंत्री ही दे सकते हैं। कांग्रेस के नितिन राउत ने कहा कि ऐसी व्यवस्था पहले कभी नहीं देखी गई।


शिंदे ने कहा कि विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है और वे कार्यवाही में रचनात्मक रूप से भाग लेने के बजाय उसमें बाधा डाल रहे हैं।


सदन में सदस्यों की जिम्मेदारी

उपमुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष शिंदे ने कहा, 'सवालों के उत्तर देने और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के लिए मंत्रियों को नियुक्त करने से यह सुनिश्चित हुआ कि सदस्यों को अधिक जानकारी मिले। सदन में उपस्थित रहना और सदस्यों के सवालों का उत्तर देना सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी है।'


उन्होंने यह भी कहा, 'मैं खुद सदन में आता हूं और मुख्यमंत्री भी खुद आकर जवाब देते हैं। इसलिए, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।'


शिवसेना नेता ने विरोध कर रहे सदस्यों पर तंज कसते हुए कहा, 'जो भी जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे पूरा किया जाना चाहिए। आप बेकार की बातें करके सदन का समय बर्बाद नहीं कर सकते।'


विपक्षी खेमे की खाली कुर्सियों की ओर इशारा करते हुए शिंदे ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उनके साथ क्या हो रहा है। उन्होंने संभवतः शिवसेना (उबाठा) के छह बागी सांसदों के बुधवार को पाला बदलकर शिवसेना में शामिल होने का संदर्भ देते हुए कहा, 'कल उन्हें ज़ोर का झटका लगा। उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और उन्हें आगे और भी झटके लगने वाले हैं।'