एकनाथ शिंदे की शिवसेना में किरण सरनाइक का शामिल होना: महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को एक और बड़ी सफलता मिली है, जब निर्दलीय विधान परिषद सदस्य किरण सरनाइक ने शिवसेना में शामिल होने का निर्णय लिया। यह घटनाक्रम राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है, खासकर जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली विपक्षी शिवसेना के सचिन अहीर को उप-सभापति चुना गया। इस नए जुड़ाव से शिंदे की पार्टी की स्थिति मजबूत हुई है और भविष्य के चुनावों में राजनीतिक समर्थन जुटाने की उनकी कोशिशों को बल मिला है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी।
| Jul 2, 2026, 10:52 IST
किरण सरनाइक का शिवसेना में शामिल होना
महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति में अपनी स्थिति को मजबूत करने में लगे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को बुधवार को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली। राज्य में चल रहे राजनीतिक जोड़-तोड़ के बीच, निर्दलीय विधान परिषद सदस्य (MLC) किरण सरनाइक ने औपचारिक रूप से एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में शामिल होने का निर्णय लिया। अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सरनाइक ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में शिवसेना की सदस्यता ग्रहण की।
शिंदे का सरनाइक का स्वागत
पार्टी में शामिल होने के बाद, एकनाथ शिंदे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरनाइक लंबे समय से जनहित के मुद्दों पर उनके साथ काम कर रहे थे। अब उन्होंने आधिकारिक रूप से शिवसेना का सहयोगी सदस्य बनने का निर्णय लिया है। शिंदे के अनुसार, यह कदम पार्टी के नेतृत्व और राजनीतिक एजेंडे के लिए बढ़ते समर्थन को दर्शाता है।
महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम
सरनाइक का शिवसेना में शामिल होना उस दिन हुआ जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली विपक्षी शिवसेना (UBT) के MLC सचिन अहीर को विधान परिषद का उप-सभापति निर्विरोध चुना गया। यह घटनाक्रम राज्य की राजनीति में एक और महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
ऑपरेशन टाइगर का प्रभाव
सचिन अहीर का उप-सभापति बनना एकनाथ शिंदे के आक्रामक राजनीतिक अभियान, जिसे "ऑपरेशन टाइगर" कहा जाता है, का हिस्सा माना जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के नेताओं को सत्ताधारी खेमे में लाना है।
शिवसेना के लिए नया जुड़ाव
किरण सरनाइक का शिवसेना में शामिल होना शिंदे की पार्टी के लिए हालिया राजनीतिक लाभों की श्रृंखला में एक और महत्वपूर्ण कदम है। पिछले महीने, शिवसेना (UBT) के छह सांसदों ने शिंदे के गुट में शामिल होने का निर्णय लिया था। इसके अलावा, बीजेपी के बागी नेता गोकुल गीते भी हाल ही में शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए हैं।
भविष्य की चुनावी रणनीति
इस नए जुड़ाव से विधान परिषद में सत्ताधारी शिवसेना की स्थिति मजबूत हुई है। यह एकनाथ शिंदे की चुनावी रणनीतियों को भी मजबूती प्रदान करता है, जिससे वे भविष्य के चुनावों में राजनीतिक समर्थन जुटाने में सक्षम होंगे। हाल के हफ्तों में कई नेताओं के पाला बदलने से शिंदे गुट ने विपक्षी शिवसेना (UBT) पर दबाव बनाए रखा है।
