उमरेठ विधानसभा उपचुनाव: भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला
उपचुनाव का आरंभ
गुजरात के आणंद जिले की उमरेठ विधानसभा सीट पर रिक्त पद को भरने के लिए आज बृहस्पतिवार सुबह सात बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है। पूर्व विधायक गोविंद परमार के आकस्मिक निधन के बाद यह उपचुनाव भाजपा के लिए अपनी राजनीतिक विरासत को बनाए रखने और कांग्रेस के लिए मध्य गुजरात में पुनः प्रवेश करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
उपचुनाव का कारण
पिछले महीने भाजपा के वरिष्ठ नेता और चार बार के विधायक गोविंद परमार का 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन के बाद निर्वाचन आयोग ने इस सीट पर उपचुनाव की घोषणा की। भाजपा ने गोविंद परमार के पुत्र हर्षद परमार को सहानुभूति और विरासत के आधार पर चुनावी मैदान में उतारा है।
उम्मीदवारों की स्थिति
उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार हर्षद गोविंदभाई परमार और कांग्रेस के उम्मीदवार भृगुराजसिंह चौहान के बीच सीधा मुकाबला है। इसके अलावा, तीन निर्दलीय और एक अन्य पार्टी का उम्मीदवार भी चुनावी दौड़ में शामिल है। गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, इस उपचुनाव में कुल 2,45,623 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए पात्र हैं, और इसका संचालन 19 नोडल अधिकारियों और 22 सूक्ष्म पर्यवेक्षकों सहित 1,500 कर्मियों द्वारा किया जाएगा।
मतों की गिनती
मतों की गिनती चार मई को की जाएगी। भाजपा ने अपने उम्मीदवार हर्षद परमार को मैदान में उतारा है, जो गोविंद परमार के बेटे हैं। यह हर्षद परमार का पहला बड़ा चुनाव है। दूसरी ओर, कांग्रेस के उम्मीदवार चौहान (62) एक अनुभवी स्थानीय नेता हैं और यह उनका विधानसभा चुनाव में पहला प्रयास है।
चौहान का राजनीतिक अनुभव
चौहान ने 2000 से 2015 के बीच लगातार तीन कार्यकाल तक उमरेठ तालुका पंचायत के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वर्तमान में, वह गुजरात के मध्य क्षेत्र के लिए पार्टी के समन्वयक हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में, गोविंद परमार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के उम्मीदवार जयंत पटेल को 25,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराकर उमरेठ सीट बरकरार रखी थी।
