उमर अब्दुल्ला ने मतदान की अहमियत पर जोर दिया

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मतदान की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि बदलाव लाने के लिए नागरिकों की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने मुंबई में एक कार्यक्रम में कहा कि मतदान से ही भविष्य का निर्धारण होता है। अब्दुल्ला ने महाराष्ट्र के राजनीतिक माहौल को अजीब बताते हुए विभिन्न राजनीतिक गठबंधनों का जिक्र किया। उनका मानना है कि चुनाव परिणामों पर इन गठबंधनों का प्रभाव पड़ेगा।
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उमर अब्दुल्ला ने मतदान की अहमियत पर जोर दिया

जनभागीदारी से बदलाव की आवश्यकता

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि बदलाव लाने के लिए नागरिकों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है, और यह प्रक्रिया मतदान से शुरू होती है।


उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, 'बदलाव केवल उन्हीं लोगों द्वारा संभव है जो इसमें सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए तैयार हैं। भागीदारी का अर्थ यह नहीं है कि मैं चुनावी उम्मीदवार बनूं, बल्कि इसका मतलब है कि मैं अपने वोट का उपयोग करने के लिए बाहर आऊं।'


अब्दुल्ला मुंबई में 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज' (आईआईसीटी) में एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने स्वस्थ लोकतंत्र के लिए मतदान की आवश्यकता पर जोर दिया था।


उन्होंने कहा कि चाहे जम्मू-कश्मीर हो, महाराष्ट्र हो या मुंबई, हर जगह लोगों की अपनी समस्याएं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव परिणाम ही भविष्य का निर्धारण करेंगे।


अब्दुल्ला ने महाराष्ट्र के राजनीतिक माहौल को अजीब बताते हुए कहा, 'इस बार न दोस्त थे, न दुश्मन। दोस्त दुश्मन बन गए और दुश्मन दोस्त।' उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कांग्रेस और भाजपा के बीच गठबंधन और अन्य राजनीतिक समीकरणों का चुनाव परिणामों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका वह बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।


महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) और अन्य 28 महानगरपालिकाओं के लिए चुनाव हो रहे हैं।