उद्धव ठाकरे ने शिवसेना में बगावत पर जताई निराशा, असली शिवसैनिकों का समर्थन बताया
उद्धव ठाकरे का बयान
शिवसेना (UBT) में चल रही राजनीतिक हलचल के बीच, पार्टी के नेता उद्धव ठाकरे ने शनिवार को कहा कि असली शिवसैनिक अभी भी उनके साथ हैं। उन्होंने उन बागी सांसदों की आलोचना की, जो हाल ही में शिंदे गुट में शामिल हुए हैं। यवतमाल के दौरे के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए ठाकरे ने बगावत पर अपनी शर्मिंदगी व्यक्त की और कहा कि असली शिवसैनिक उनके साथ हैं। उन्होंने कहा, "बाकियों का बर्ताव आप देख ही रहे हैं। मुझे सच में शर्म आती है कि वे इतने लंबे समय तक हमारे साथ रहे।"
सांसदों के पाला बदलने पर प्रतिक्रिया
यह दौरा यवतमाल-वाशिम के सांसद संजय देशमुख के पाला बदलने के बाद हुआ, जो उन छह शिवसेना (UBT) सांसदों में से एक थे, जिन्होंने एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल होने का निर्णय लिया। ठाकरे ने आरोप लगाया कि इन सांसदों ने अपनी सीटें केवल उनके प्रचार और जनता के समर्थन के कारण जीती थीं। उन्होंने कहा, "ये सांसद मेरे कहने पर चुने गए थे। अब उनमें यह कहने की हिम्मत है कि अपने चुनाव क्षेत्रों का दौरा करना बेकार है, जबकि वे चुने ही इसलिए गए थे क्योंकि मैंने उनके लिए दौरे किए थे।"
पार्टी की बैठक और सांसदों की आलोचना
ठाकरे ने शुक्रवार को हुई पार्टी की बैठक का भी उल्लेख किया और कहा कि उसके परिणाम जल्द ही सामने आएंगे। इस दौरे में शिवसेना (UBT) के सीनियर नेता अनिल देसाई और अरविंद सावंत भी उनके साथ थे। पत्रकारों से बात करते हुए सावंत ने सांसदों के पार्टी छोड़ने के कारणों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "हमारे लोकसभा में नौ और राज्यसभा में दो सांसद थे। आपको ऐसी क्या परेशानी हुई कि पार्टी छोड़नी पड़ी? पार्टी ने आपके साथ कोई नाइंसाफी नहीं की थी।"
अनिल देसाई का बयान
सांसद अनिल देसाई ने कहा कि वोटरों ने बागी सांसदों का समर्थन इसलिए किया क्योंकि उन्हें उद्धव ठाकरे की लीडरशिप पर भरोसा था। उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र के लोग उद्धव जी को बहुत अच्छी तरह जानते हैं। कोविड-19 के दौरान उन्होंने जिस तरह से राज्य की कमान संभाली, वह लोगों के दिलों में बसा हुआ है।"
