उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर निशाना साधा, रोजगार पर ध्यान देने की अपील की
उद्धव ठाकरे का बयान
मुंबई, 29 जुलाई: शिवसेना (उबाठा) के नेता उद्धव ठाकरे ने बुधवार को प्रस्तावित परिसीमन विधेयक पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सरकार को सांसदों की संख्या बढ़ाने के बजाय युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। तीन पुस्तकों के विमोचन समारोह में बोलते हुए, उद्धव ने अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का उल्लेख करते हुए भाजपा पर आरोप लगाया कि वह भगवान राम के साथ भी 'इस्तेमाल करो और छोड़ दो' की नीति अपनाती है। विमोचित पुस्तकों में से एक उद्धव के दादा प्रबोधनकार ठाकरे और पिता बाल ठाकरे के लेखन पर आधारित है।
उद्धव ने लोकसभा सदस्यों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि सांसदों को इस विधेयक के समर्थन के लिए अपनी ओर खींचा जा रहा है। उनका इशारा पिछले महीने शिवसेना (उबाठा) के छह लोकसभा सदस्यों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की घटना की ओर था। उन्होंने कहा, 'सांसदों की संख्या बढ़ाने के बजाय रोजगार के अवसर बढ़ाइए।' उन्होंने यह भी सवाल किया कि यदि मौजूदा 550 सांसदों को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता, तो 850 सांसदों को कैसे मिलेगा।
उद्धव ने यह भी कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी बोलने का मौका नहीं दिया जाता। उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक मामले में छात्रों के आंदोलन और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने वाले युवाओं की सराहना की। उद्धव ने कहा कि जब सभी को लगने लगा था कि लोकतंत्र खत्म हो गया है, तब युवाओं ने अपने आंदोलन के माध्यम से उसमें नई जान फूंक दी।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं में बढ़ते आक्रोश के लिए सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि देश ने देखा है कि जब युवाओं की आवाज को नजरअंदाज किया जाता है, तो उसके क्या परिणाम होते हैं। उद्धव ने कहा कि यदि युवाओं को 'कॉकरोच' कहा जाएगा, तो उनका नाराज होना स्वाभाविक है।
