उत्तर प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र: महिला आरक्षण पर चर्चा और विपक्ष की चुनौती

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का विशेष सत्र आज आयोजित किया गया है, जिसमें महिला आरक्षण नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन पर चर्चा होगी। भाजपा सरकार विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की योजना बना रही है। इस सत्र में महिला सशक्तीकरण, सुरक्षा, और शिक्षा जैसे मुद्दों पर गहन बहस होने की उम्मीद है। समाजवादी पार्टी ने भी भाजपा सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है और 2023 की जनगणना के आधार पर महिला आरक्षण लागू करने की मांग की है। सदन की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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विशेष सत्र का उद्देश्य

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का एक दिवसीय विशेष सत्र आज, गुरुवार को आयोजित किया गया है। इस सत्र का मुख्य ध्यान महिला आरक्षण नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन पर है। भाजपा सरकार विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की योजना बना रही है। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा में यह प्रस्ताव पेश करेंगे। इसके बाद दलीय नेताओं और विधायकों के बीच चर्चा होगी। सदन में महिला सशक्तीकरण, सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी गहन बहस होने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम को सदन को संबोधित करेंगे.


विपक्ष की तैयारी

समाजवादी पार्टी ने कल अपने कार्यालय में 16 महिला मुद्दों पर चर्चा की और भाजपा सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में विधायकों को सदन में सक्रिय भाग लेने और सभी महिला संबंधी मुद्दों को उठाने के निर्देश दिए गए। सपा ने 2023 की जनगणना के आधार पर महिला आरक्षण लागू करने की मांग दोहराई है। कांग्रेस भी विपक्ष के साथ मिलकर सरकार पर हमला करने की योजना बना रही है। दोनों सदनों में हंगामे की संभावना है।


सदन की कार्यवाही

परामर्शदात्री समिति की बैठक में सदन की गरिमा बनाए रखने और सार्थक चर्चा पर सहमति बनी। नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी दलों ने लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करने का आश्वासन दिया। नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव समेत अन्य नेताओं का संबोधन होगा। प्रश्नकाल नहीं होगा, लेकिन कई अध्यादेश पटल पर रखे जाएंगे, जिनमें उत्तर प्रदेश लोक सेवा अध्यादेश, 2026 और अन्य शामिल हैं।


भाजपा की रणनीति

यह विशेष सत्र 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले महिला वोट बैंक को साधने और विपक्ष को घेरने की भाजपा की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सपा विधायक कमाल अख्तर इसे राजनीतिक स्टंट करार दे रहे हैं और 2023 जनगणना पर आरक्षण लागू करने की मांग कर रहे हैं। सत्र की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर दोनों पक्ष आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। सदन की कार्यवाही सुचारू रखने की अपील की गई है, लेकिन हंगामा और वाकयुद्ध की संभावना बनी हुई है।